क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए जम्मू-कश्मीर आने वाले लोगों ने घाटी में हलचल मचा दी. गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग सहित सभी डिमांड वाले टूरिस्ट रिसॉर्ट इन सेलिब्रेशन से पहले ही बिक गए. 1 जनवरी 2022 से 21 दिसंबर 2022 तक लगभग 22 लाख टूरिस्ट्स ने कश्मीर का दौरा किया. सबसे ज्यादा कमाई करने वाले महीने अप्रैल (2.72 लाख लोग), मई (3.75 लाख लोग) और जून (3.33 लाख लोग) रहे. जबकि जनवरी में 62000, फरवरी में एक लाख और दिसंबर में 1.05 लाख टूरिस्ट आए. सर्दियों के मौसम में कश्मीर पर्यटकों से भरा रहता है, इसलिए तमाम होटलों के मालिकों ने भव्य रात्रिभोज और अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए खास पैकेज का ऐलान किया है.
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पहले सालाना आते थे छह लाख सैलानी, अब 22 लाख
समीक्षा में कहा गया है कि पहले सालाना छह लाख पर्यटक जम्मू कश्मीर आते थे, अब यह बढ़कर 22 लाख पर पहुंच गया है. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं. गृह मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि कश्मीर में लोकतंत्र सिर्फ तीन परिवारों 87 विधायक और 6 सांसदों तक सिमटा था. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 30,000 लोगों को लोकतंत्र (जम्हूरियत) से जोड़ा और इसे गांव सरपंच, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत तक ले गए. इससे पहले अनुच्छेद 370 की वजह से गुज्जर-बकरवाल और पहाड़ी को शिक्षा, नौकरियों और चुनाव में आरक्षण नहीं मिल पा रहा था. लेकिन इसके हटने के बाद से उनको इन सबका लाभ मिलने लगा.
पत्थरबाजी की एक भी घटना नहीं हुई…
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में पत्थरबाजी की एक भी घटना नहीं हुई क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रशासित प्रदेश सतत स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है. आतंकी घटनाओं में करीब 54 फीसदी की कमी आई है.
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63 परियोजनाओं का हुआ निर्माण
मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत 80,000 करोड़ रुपये की लागत से पनबिजली से संबंधित करीब 63 परियोजनाओं का निर्माण हुआ है. 4,287 करोड़ रुपये की लागत से किरू परियोजना का कार्य प्रगति पर है.