UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 16 अगस्त को लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा के समक्ष रखे चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।✍️Alok Gupta
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 16 अगस्त को लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा के समक्ष रखे चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु के रूप में राष्ट्र सर्वोपरि के भाव के साथ निरन्तर कार्य करते रहे।
सीएम योगी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत उन्होंने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में धारा-370 के विरोध में चले सत्याग्रह से की थी। उनका छह दशकों का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा। देश में एक सांसद, विदेश मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने अलग-अलग भूमिकाओं का निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक भूमिका में राष्ट्रहित उनके लिए सर्वोपरि रहा। राष्ट्र प्रथम उनके जीवन का ध्येय था। अटल जी ने दल से ऊपर देश को महत्व दिया। देश की सुरक्षा का मुद्दा रहा हो, अथवा वर्ष 1962, 1965 और 1971 के युद्ध का समय, अटल जी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने के बजाय एक जिम्मेदार सांसद के रूप में सरकार के साथ खड़े होकर राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दिया।
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CM योगी ने कहा कि भारत की राजनीति में अस्थिरता के दौर को रोकने और राजनीतिक स्थिरता के माध्यम से सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए श्रद्धेय अटल जी ने राजनीतिक समन्वय का मार्ग अपनाया। अटल जी जितने सहज और सरल थे, उतने ही अपने इरादों के अटल भी थे। कारगिल संघर्ष के दौरान दुनिया ने अटल जी के उस दृढ़ संकल्प का लोहा माना था। अटल जी ने उस समय कहा था कि हम पर ‘युद्ध थोपा गया है, हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे’।

सीएम योगी ने कहा कि भारत की सुरक्षा के लिए कैसे कदम उठाए जाने चाहिए, यह अटल जी ने अपने कार्यों से सिद्ध किया। दुनिया की किसी भी ताकत के सामने झुके बिना भारत को परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर अटल जी ने भारत के सामर्थ्य को पूरी दुनिया के सामने प्रमाणित किया। अटल जी को वर्ष 1957 में पहली बार उत्तर प्रदेश के बलरामपुर संसदीय क्षेत्र से देश की संसद के लिए चुने जाने का अवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पांच बार लखनऊ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए देश की संसद में नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री के रूप में अपने सुशासन एवं नेतृत्व का लोहा मनवाया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख, सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य इंजी0 अवनीश कुमार सिंह, उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
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