1. हिन्दी समाचार
  2. बड़ी खबर
  3. राज्यसभा में पास हुआ बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, निर्मला सीतारमण बोलीं – “पूरी प्राइवेसी और सुरक्षा…”

राज्यसभा में पास हुआ बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, निर्मला सीतारमण बोलीं – “पूरी प्राइवेसी और सुरक्षा…”

Rajya Sabha : राज्यसभा में सोमवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के सदस्य संसद से बाहर चले गए।

By HO BUREAU 

Updated Date

Rajya Sabha : राज्यसभा में सोमवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के सदस्य संसद से बाहर चले गए। इस कानून का मकसद 135 साल पुराने ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891’ की जगह लेना और वित्तीय सबूतों से जुड़े कानूनी ढांचे को आज के डिजिटल बैंकिंग तौर-तरीकों के अनुरूप बनाना है।

पढ़ें :- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने जारी किया गैर - जमानती वारंट, 11 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश

इस कानून की जरूरत बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1891 का मूल कानून तब बनाया गया था, जब बैंकिंग रिकॉर्ड मुख्य रूप से फिजिकल रूप में रखे जाते थे। इसका मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्यवाही में बैंक रिकॉर्ड की सर्टिफाइड कॉपी को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत देना था, ताकि बैंक अधिकारियों को कोर्ट में ओरिजिनल लेजर पेश करने की परेशानी न हो।

 मल्लिकार्जुन खरगे बोले – ‘अगर वे बिल तक ही अपनी बात सीमित रखें तो…’

डिजिटल बैंकिंग के तेजी से बढ़ने के साथ अब रिकॉर्ड आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके बनाए और सुरक्षित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बिल “पूरी प्राइवेसी और सुरक्षा” सुनिश्चित करने के लिए पेश किया गया है, जब बिल पेश किया गया तो विपक्ष के सदस्य नारे लगाते रहे। उप-सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि अगर वे बिल तक ही अपनी बात सीमित रखें तो उन्हें 1952 के नियमों के तहत बोलने की इजाजत दी जाएगी। इसके बाद तीखी बहस हुई।

खड़गे ने अपनी आवाज ऊंची करते हुए “चंदा चोर…” कहा, लेकिन शोर-शराबे में उनकी बात दब गई। इसके बाद उप-सभापति ने सदस्यों से विषय पर ही बात करने का अनुरोध किया और कई वक्ताओं को बोलने के लिए बुलाया।

जिनमें मोहम्मद नदीमुल हक (एआईटीसी, पश्चिम बंगाल), अरुण सिंह (बीजेपी, उत्तर प्रदेश), मानस रंजन मंगराज (बीजेडी, ओडिशा), एस. निरंजन रेड्डी (वाईएसआरसीपी, आंध्र प्रदेश), राजेंद्र हीरालाल जैन (एनसीपी, महाराष्ट्र), भाष्यम रामा कृष्णा (टीडीपी, आंध्र प्रदेश), रवि चंद्र वद्दिराजू (वीआरएस, तेलंगाना), एल.के. सुधीश (डीएमडीके, तमिलनाडु), डॉ. एम. धनपाल (एआईएडीएमके, तमिलनाडु) और डॉ. ज्योति नागनाथ वाघमारे (शिव सेना, महाराष्ट्र) शामिल थे। बिल पर बोलने वाले सदस्यों ने लंबे समय से लंबित इस तकनीकी अपडेट का स्वागत किया और नए कानून में डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के बारे में भी बात की।

पढ़ें :- हमारा तिरंगा हमारा गौरव है, देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा : PM मोदी

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक बयानों, आधिकारिक अभिलेखों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के विश्लेषण पर आधारित है। लेख में जिन आरोपों या दावों का उल्लेख किया गया है, उनमें से कई की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे दावों को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com