सुप्रिया श्रीनेते का BJP पर तीखा हमला: “लोकतंत्र की नींव हिला रही है मोदी सरकार”
कांग्रेस की तेजतर्रार प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेते ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर करारा हमला बोलते हुए उसे लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त बताया। दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि “BJP अब एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक तानाशाही व्यवस्था का प्रतीक बन चुकी है।” सुप्रिया का यह बयान उस वक्त आया है जब देश में आम चुनावों का माहौल बन रहा है और सभी दल जनता को साधने में जुटे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं जैसे चुनाव आयोग, सीबीआई और ED को अपना हथियार बना लिया है और इनका इस्तेमाल केवल विपक्षी नेताओं को डराने के लिए किया जा रहा है। सुप्रिया ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया को दबाकर जनता को एकतरफा सूचना दी जा रही है, जिससे असली मुद्दे गायब हो रहे हैं।
“BJP को डर है विपक्ष की एकता से”
सुप्रिया श्रीनेते ने यह भी कहा कि BJP को विपक्षी दलों की एकजुटता से डर लगने लगा है, इसलिए वो हरसंभव कोशिश कर रही है कि किसी भी प्रकार की जनता की आवाज़ न उठ सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सरकार जनहित के मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा से ध्यान भटकाकर राष्ट्रवाद और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा, “हम भाजपा से पूछना चाहते हैं कि 10 साल की सरकार के बाद भी देश में युवाओं को नौकरी क्यों नहीं मिली? पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं घटे? और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्यों नहीं मिला?”
महिला आरक्षण और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण बिल को लेकर सुप्रिया ने कहा कि BJP केवल चुनावी फायदे के लिए इसे सामने लाती है लेकिन वास्तव में उसे लागू करने की मंशा नहीं रखती। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में महिला सशक्तिकरण चाहती है तो उसे तुरंत यह बिल लागू करना चाहिए।
इसके अलावा सुप्रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि क्यों सरकार अपने नेताओं के घोटालों की जांच नहीं करवाती और ED केवल विपक्षी नेताओं के पीछे क्यों लगती है?
निष्कर्ष: विपक्ष की रणनीति तेज
सुप्रिया श्रीनेते का यह बयान स्पष्ट करता है कि कांग्रेस अब सीधे मुकाबले की रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी की नीतियों पर हमला और लोकतंत्र को बचाने की अपील इस बात का संकेत है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस जनता से सीधा संवाद करना चाहती है। उन्होंने अंत में कहा कि “देश को अब एक मजबूत और न्यायप्रिय विकल्प की जरूरत है।”