दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार रात दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार जीजा व साले की मौत हो गई। तेज रफ्तार पिकअप चालक ने पहले तो स्कूटी को सामने से टक्कर मारी। इसके बाद स्कूटी को करीब 6 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया। जिससे स्कूटी में आग लग गई।
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दुर्घटना में मृतकों की पहचान नेवई भाठा निवासी दीपक गुप्ता (30) और कांट्रैक्टर कालोनी निवासी चंदन गुप्ता (27) के रूप में हुई। दोनों रिश्ते में जीजा-साले हैं। दोनों रविवार रात 11 बजे के आसपास नेवई भाठा अपने घर जा रहे थे। जैसे ही वे लोग मरोदा ब्रिज के ऊपर पहुंचे तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दीपक और चंदन के दोनों पैर कट गए। दोनों लहूलुहान हालत में वहीं गिर गए। स्कूटी पिकअप में फंस गई।
परिजनों ने करीब डेढ़ लाख रुपए गायब होने का लगाया आरोप
पिकअप चालक इसके बाद भी नहीं रुका और स्कूटी को गाड़ी के साथ घसीटते हुए 5-6 किलोमीटर दूर ले गया। घर वालों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के समय स्कूटी में लगभग एक से डेढ़ लाख रुपए भी थे। इसमें कुछ रुपए पुलिस को मिले, लेकिन बाकी की रकम का पता नहीं है। दीपक गुप्ता कोआपरेटिव संचालक था और चंदन बर्तन बेचता था।
परिजनों का आरोप है कि जिस पिकअप ने स्कूटी को टक्कर मारी है वो चावल तस्कर की थी। इसीलिए पुलिस भी उन पर हाथ नहीं डाल रही है। भिलाई निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि इस दुर्घटना के लिए पुलिस भी जिम्मेदार है। पुलिस दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। पिकअप पुलिस के सामने से गुजरी। इसके बाद भी उसे नहीं पकड़ा। इससे साफ है कि पुलिस उसे पकड़ने की जगह भागने का मौका दे रही है।