Amritsar: अमृतसर की डॉ. सेहर ओमप्रकाश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और पंजाब का गौरव बढ़ाया है। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित 49वें ‘मिसेज यूनिवर्स 2026’ में भारत की ओर से हिस्सा लेते हुए उन्होंने थर्ड रनर-अप का खिताब अपने नाम किया है। प्रतियोगिता में 120 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनके बीच डॉ. सेहर ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह उपलब्धि हासिल की है। अमृतसर पहुंचने पर उनके सम्मान में विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जहां उन्होंने अपनी इस यादगार और प्रेरणादायक यात्रा के अनुभव मीडिया के साथ साझा किए।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. सेहर ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के 120 देशों की सुंदरियों ने भाग लिया था। विजेता का ताज मोनाको के नाम रहा, लेकिन भारत की ओर से डॉ. सेहर ने विभिन्न राउंड्स में अपनी गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने न केवल टॉप 25 और फिर टॉप 4 में जगह बनाई, बल्कि बेस्ट नेशनल कॉस्ट्यूम और ब्रिलियंट परफॉर्मेंस अवॉर्ड का सैश भी अपने नाम किया। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके नाम की बजाय “इंडिया” कहकर पुकारा गया, तो वह उनके जीवन का सबसे गर्व भरा क्षण था। इससे पहले वह दिसंबर में ‘यूएमबी मिसेज इंडिया’ की विजेता रह चुकी हैं, जिसके बाद उन्हें ‘मिसेज यूनिवर्स इंडिया 2026’ के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।
डॉ. सेहर पेशे से एक मैक्सिलोफेशियल व फेशियल प्लास्टिक सर्जन हैं और अपनी पढ़ाई के दौरान गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं। उन्होंने बताया कि मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में सामाजिक सरोकार से जुड़ा एक विशेष फोरम था, जहां प्रतिभागियों को घरेलू हिंसा (डोमेस्टिक वायलेंस) के मुद्दे पर अपनी बात रखनी थी। इस मंच पर डॉ. सेहर ने बताया कि एक सर्जन के रूप में वह घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं और पीड़ितों के चेहरे की रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी व उपचार मुफ्त में करती हैं, ताकि वे समाज में दोबारा आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने परिवार और अस्पताल के सहकर्मियों को दिया। डॉ. सेहर ने कहा कि उनकी मां, सास, पति, ससुर और पूरे परिवार ने हर कदम पर एक टीम की तरह उनका साथ दिया। इसके साथ ही उनके अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने उनकी गैर-मौजूदगी में मरीजों की देखभाल और अस्पताल का कार्यभार बखूबी संभाला, जिससे वह बिना किसी चिंता के प्रतियोगिता पर ध्यान केंद्रित कर सकीं।
महिलाओं को प्रेरित करते हुए डॉ. सेहर ने कहा कि किसी भी महिला को अपने सपनों को सीमित करने की जरूरत नहीं है। अक्सर समाज में महिलाओं से पेशेवर करियर या परिवार में से किसी एक को चुनने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन दृढ़ संकल्प और मेहनत से एक महिला बेहतरीन सर्जन, समर्पित बेटी, पत्नी बनने के साथ-साथ अपने सिर पर सौंदर्य का ताज भी सजा सकती है। उन्होंने कहा कि “स्काई इज द लिमिट” और मेहनत के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। नई पीढ़ी (जेन-ज़ी) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनमें अपार क्षमता है, बस उन्हें मोबाइल और डिजिटल दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन में भी अपने सपनों को साकार करने पर ध्यान देना चाहिए। भविष्य में फिल्मों या अभिनय की संभावनाओं पर मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई अच्छा और उपयुक्त अवसर मिला, तो वह इस पर जरूर विचार करेंगी।
✍️Saloni Neha Gill
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