UP News : देश आजादी के 79 वर्ष पूरे कर चुका है। केंद्र और प्रदेश सरकारें गांव-गांव विकास पहुंचाने के दावे कर रही हैं।✍️Vandana yadav
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UP News : देश आजादी के 79 वर्ष पूरे कर चुका है। केंद्र और प्रदेश सरकारें गांव-गांव विकास पहुंचाने के दावे कर रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने की बात कहती है, लेकिन इटावा जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां आज तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए गांव से बाहर निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ये तस्वीरें इटावा जनपद के चकरनगर विकासखंड अंतर्गत चौरेला ग्राम पंचायत के तेलियन खोड़न गांव की हैं। यहां आज भी ग्रामीण कच्चे रास्ते के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में यह रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर तेल की टंकियां लेकर जा रहा है, लेकिन रास्ता इतना खराब है कि मोटरसाइकिल को आगे बढ़ाने के लिए दो लोगों को धक्का लगाना पड़ रहा है। यह नजारा गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की हकीकत बयां करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। गांव के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए बाहर जाना पड़ता है, लेकिन खराब रास्ते के कारण उन्हें हर दिन परेशानी उठानी पड़ती है।
सबसे अधिक दिक्कत बारिश के दिनों में होती है, जब यह कच्चा मार्ग पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है और आवागमन लगभग ठप हो जाता है।
सवाल यह भी उठता है कि जब चुनाव आते हैं तो जनप्रतिनिधि गांव तक पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद गांव की समस्याएं फिर से उपेक्षा का शिकार क्यों हो जाती हैं? आखिर क्या तेलियन खोड़न गांव के लोग विकास के अधिकार से वंचित रहेंगे?
तेलियन खोड़न गांव भरथना विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां वर्तमान में समाजवादी पार्टी के विधायक राघवेंद्र गौतम प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं इटावा लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र दोहरे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की नजर अपने जनप्रतिनिधियों पर टिकी हुई है कि आखिर उनके गांव को पक्की सड़क की सौगात कब मिलेगी। वहीं ग्रामीणों ने कई बार सड़क की समस्या को लेकर पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।
विधानसभा चुनाव 2027 में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि चुनाव के समय वोट मांगने गांव पहुंचने वाले नेता क्या इस बार तेलियन खोड़न की सड़क समस्या का स्थायी समाधान करेंगे, या फिर ग्रामीणों को विकास के वादों का इंतजार ही करना पड़ेगा।
✍️Vandana yadav
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