Heatwave : अप्रैल 2026 का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और भारत के कई हिस्सों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक, हर राज्य से “Hi Hi Garmi” की आवाज़ सुनाई दे रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, जो चिंता का विषय बन चुका है।
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राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में तापमान 42°C के पार पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी कामों के अलावा घर से निकलने से बच रहे हैं। राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में पारा 45°C तक पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गर्म हवाएं (लू) लोगों को झुलसा रही हैं। लखनऊ, पटना और वाराणसी जैसे शहरों में तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी और बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पश्चिमी भारत की बात करें तो महाराष्ट्र के नागपुर और विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। यहां तापमान 44°C के करीब पहुंच चुका है। गुजरात के अहमदाबाद में भी हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण भारत में भी हालात अलग नहीं हैं। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 43°C के आसपास दर्ज किया गया है। हैदराबाद और विजयवाड़ा जैसे शहरों में दोपहर के समय लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तमिलनाडु और कर्नाटक में भी गर्मी धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रही है।
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पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी राहत नहीं है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में तापमान 39°C तक पहुंच गया है, वहीं ओडिशा में कई जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार गर्मी का मुख्य कारण एल नीनो प्रभाव और जलवायु परिवर्तन है। इसका असर मानसून पर भी पड़ सकता है, जिससे आने वाले महीनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं- जैसे अधिक से अधिक पानी पीना, धूप में बाहर निकलने से बचना और हल्के कपड़े पहनना। कई राज्यों में स्कूलों का समय बदल दिया गया है और कुछ जगहों पर छुट्टियां भी घोषित कर दी गई हैं।
“Hi Hi Garmi” अब सिर्फ एक मुहावरा नहीं, बल्कि एक सच्चाई बन चुकी है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह संकट और भी भयावह हो सकता है। फिलहाल, देशभर में लोग एक ही प्रार्थना कर रहे हैं “जल्दी आओ बारिश!”
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सपन दास
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