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मोदी सरकार 3.0 में आसान नहीं था जयंत चौधरी के मंत्री बनने का सफर, ऐसे हुई Modi Cabinet में एंट्री…

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता की कुर्सी पर अपना कब्ज़ा जमा लिया है। बीते रविवार को PM मोदी के साथ यूपी के 9 मंत्रियों ने पद और

By up bureau 

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बिहार। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता की कुर्सी पर अपना कब्ज़ा जमा लिया है। बीते रविवार को PM मोदी के साथ यूपी के 9 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसमें एक मंत्री ऐसा भी है जिसको बिना चुनाव लड़े कैबिनेट में जगह मिल गई है। हम बात कर रहे हैं एनडीए के सहयोगी दल आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के बारे में।

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रविवार शाम को PM Modi के साथ उन्होंने भी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की शपथ ली। भाजपा के इस फैसले के पीछे लोकसभा 2024 के लिए हो रहे चुनाव में उनकी पार्टी का प्रदर्शन और जाट समुदाय के किसानों पर उनके प्रभाव के चलते उनकी झोली में भाजपा की तरफ से मंत्रिपद का ये उपहार डाला गया है। तो चलिए दिखाते हैं आपको कैसे अपने पिता और दादा की ढहती विरासत को ऐन वक़्त पर संभालते हुए जयंत ने अपने परिवार और पार्टी दोनों की ही साख बचाई है।

दरअसल इस बार के चुनाव में गठबंधन में मिली बागपत और बिजनौर की दोनों सीटों पर आरएलडी के उम्‍मीदवारों ने जीत दर्ज की और इसी के साथ करीब दस साल बाद रालोद एक बार फिर से मजबूत स्थिति आ खड़ा हुआ है।

जयंत का जन्म 27 दिसंबर 1978 को अमेरिका के डलास में हुआ था। वो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह के बेटे हैं। उनकी माँ का नाम राधिका सिंह है। जयंत ने अपना ग्रेजुएशन दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज से किया है। इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से अकाउंटिंग और फिर फाइनेंस में एमएससी किया है।

जयंत राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और उन्होंने राजनीती की इस दुनिया में वर्ष 2009 में उत्तर प्रदेश के मथुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए एंट्री मारी थी। यहां से जीत कर वो पहली बार सांसद बनें थे। वहीं, इससे पहले वे मांट विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। अपने पिता चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद वर्ष 2021 में वे राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष बनें।

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