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JMM प्रमुख शिबू सोरेन की तबीयत बिगड़ी, रांची के हॉस्पिटल में भर्ती

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

The Union Coal Minister, Shri Shibu Soren chairing the 28th Meeting of the Standing Committee on Safety in Coal Mines, in New Delhi on May 09,2006. The Minister of State for Coal & Mines, Dr. Dasari Narayana Rao and the Secretary, Coal, Shri H.C. Gupta are also seen.

JMM प्रमुख और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबु सोरेन की तबीयत बिगड़ गई है. जिसके बाद उन्हें रांची के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिबु सोरेन को गुरुवार दोपहर को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाया गया. मेदांता अस्पताल में पांच डॉक्टरों टीम शिबु सोरेन की जांच कर रही है.

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नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अमित की देखरेख में शिबू सोरेन का इलाज चल रहा है. 77वर्षीय शिबू सोरेन को सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल ले कर पहुंचे. जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख में जुटी है.

79 वर्षीय शिबु सोरेन साल 2005 से 2010 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे. फिलहाल उनके पुत्र हेमंत सोरेन राज्य की कमान संभाल रहे हैं.शिबु सोरेन और हेमंत सोरेन ने हाल ही में झारखंड मुक्ति मोर्चा की एक रैली में शिरकत की थी. इस रैली के दौरान शिबु सोरेन ने राज्य में बेहतर शिक्षा और कृषि नीतियों की बात कही थी.

कौन हैं शिबू सोरेन?

झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन का झारखंड की राजनीति में बड़ा नाम है. शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी, 1944, रामगढ़ में हुआ था. शिबू सोरेन का जन्म एक छोटे से गांव में हुआ था जो अब मध्य झारखंड राज्य है. शिबू सोरेन की पहली राजनीतिक गतिविधि 1970 के दशक की शुरुआत में हुई, जब वे आदिवासियों की जमीन को बाहरी हितों से मुक्त कराने में शामिल हुए थे. वह जल्द ही एक प्रभावशाली आदिवासी नेता बन गए. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) आंदोलन का गठन 1973 में सोरेन और अन्य लोगों द्वारा किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा बिहार राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों से अलग झारखंड राज्य का निर्माण करना था. वह लक्ष्य 2000 में हासिल किया गया था.

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के कब अध्यक्ष बने शिबू सोरेन?

शिबू सोरेन ने औद्योगिक और खदान श्रमिकों और क्षेत्र के अल्पसंख्यक लोगों के समर्थन की मांग करके झामुमो के राजनीतिक आधार का सफलतापूर्वक विस्तार किया. वह 1987 में झामुमो के अध्यक्ष बने. साल 2000 में झारखंड राज्य के निर्माण से झामुमो को ज्यादा राजनीतिक सफलता नहीं मि

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