Pratapgarh : मोहम्मद कासिम ने कैब ड्राइवरों का बैज, परमिट या लाइसेंस रद्द न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई मराठी भाषा के खिलाफ नहीं है।
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Pratapgarh : मोहम्मद कासिम ने कैब ड्राइवरों का बैज, परमिट या लाइसेंस रद्द न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई मराठी भाषा के खिलाफ नहीं है। हम मराठी के साथ संविधान में मान्यता प्राप्त सभी 22 भाषाओं का सम्मान करते हैं। हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि भाषा नहीं बोल पाने के कारण गरीब टैक्सी या कैब ड्राइवरों का बैज, परमिट या लाइसेंस रद्द न किया जाए।
उन्होंने कहा कि कई ड्राइवर रोज 500 से 1000 रुपये कमाकर अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार का खर्च चलाते हैं। ऐसे में उनका लाइसेंस या परमिट रद्द होने से उनकी रोजी-रोटी छिन सकती है। कासिम ने कहा कि सरकार ने कोर्ट में कहा है कि एक साल तक आरटीओ कोई कार्रवाई नहीं करेगा, लेकिन अधिसूचना अभी भी कायम है। इसलिए वह चाहते हैं कि अधिसूचना की संवैधानिक वैधता पर अंतिम फैसला मेरिट के आधार पर हो। कासिम ने बताया कि अब अधिवक्ता विवेक शुक्ला के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है।
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