नई दिल्ली। भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
Updated Date
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर अफ्रीकी संघ (एयू) के अध्यक्ष और बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्त नदायिशिमिये, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा मुस्तफा के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान भारत के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी और बुरुंडी के राष्ट्रपति तथा अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष एवरिस्त नदायिशिमिये ने भारत-अफ्रीका साझेदारी को ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। दोनों नेताओं ने 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल कराने में भारत की भूमिका को याद किया और आपसी सुविधा के अनुसार चौथे भारत-अफ्रीका फोरम समिट (आईएएफएस-IV) के जल्द आयोजन पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इबोला प्रकोप से सफलतापूर्वक निपटने के लिए अफ्रीकी संघ के नेतृत्व की सराहना की। वहीं, एयू अध्यक्ष ने प्रकोप को नियंत्रित करने में अफ्रीका सीडीसी की मदद के लिए भारत की ओर से दिए गए चिकित्सा सहयोग की सराहना की। दोनों नेताओं ने भारत और बुरुंडी के बीच संबंधों की भी समीक्षा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते गर्मजोशी, एकजुटता और साझा विकास आकांक्षाओं से परिभाषित होते हैं।
बातचीत में आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी, कृषि आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ भारत-दक्षिण अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में हुए सहयोग की प्रगति पर संतोष जताया और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंध साझा ऐतिहासिक संघर्षों, मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव, व्यापक आर्थिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संपर्क पर आधारित हैं। उन्होंने साझा हितों से जुड़े कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की और बहुपक्षीय मंचों पर करीबी समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई।
भारत में दक्षिण अफ्रीका से चीतों के सफल स्थानांतरण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया। राष्ट्रपति रामाफोसा ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को दिए गए गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए आभार जताया।
उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा मुस्तफा के साथ भी मुलाकात की। शेट्टिमा नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनके प्रतिनिधिमंडल में विदेश मामलों, उद्योग, व्यापार एवं निवेश, संचार, नवाचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी, मानवीय मामलों एवं गरीबी उन्मूलन, महिला मामलों तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्री शामिल हैं।
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-नाइजीरिया संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर संतोष जताया। बातचीत में व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, ऊर्जा साझेदारी, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत-नाइजीरिया रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति शेट्टिमा ने साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इसमें ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताएं और चिंताएं भी शामिल रहीं।
दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने और अधिक प्रतिनिधित्व वाली, समावेशी तथा बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने नाइजीरिया के साथ साझेदारी मजबूत करने और अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, उपराष्ट्रपति शेट्टिमा ने भारत के विकास के अनुभव तथा नाइजीरिया में क्षमता निर्माण और आर्थिक विकास में भारत के योगदान की सराहना की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत, भविष्य की ओर उन्मुख साझेदारी बनाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई, जो दोनों देशों के साथ-साथ व्यापक ग्लोबल साउथ में शांति, समृद्धि और विकास में योगदान देगी। (आईएएनएस)
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।