नारी सशक्तिकरण के वादे को पूरा कर रही भाजपा
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राजस्थान में सरकार बनने से पहले ही भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई वादे किये थे जिन्हे भजनलाल सरकार ने बखूबी निभाया है। फिर चाहे सरकार बनते ही महिलाओं को 500 रूपए में सिलेंडर देने की बात हो या फिर शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहन। भजनलाल सरकार में महिला को डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जैसे अहम् पद देकर भाजपा ने भी महिलाओं को सकारात्मक सन्देश देने में कोई कसार नहीं छोड़ी। हाल में महिलाओं के लिए शिक्षक भर्ती थर्ड ग्रेड और पुलिस जैसी भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण को बढ़ाया गया जिससे महिला अभ्यर्थियों में काफी उत्साह हैं।
राजस्थान जैसे राज्य में जहाँ महिलाओं को लेकर आज भी समाज की सोच में ज्यादा बदलाव नहीं आया हैं, जहाँ की महिला साक्षरता दर आज भी 52 फीसदी से ऊपर नहीं उठी और जहाँ का लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर 928 महिलाऐं ही हैं; वहां महिलाओं को केंद्रित कर योजनाएं बनाना और उन्हें सशक्त करने के प्रयास करना काफी प्रशंसनीय हैं। इसका फायदा भाजपा को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी हुआ जहाँ महिलाओं ने बढ़ चढ़कर पार्टी को वोट किया।
युवाओं ने जताया महिला आरक्षण पर ऐतराज
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राजस्थान सरकार के महिला आरक्षण के फैसले का महिलाओं ने जहाँ दिल खोलकर स्वागत किया तो वहीं युवाओं ने सरकार को इस फैसले को वापस लेने की चेतावनी तक दे दी। युवाओं ने जयपुर में शहीद स्मारक पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को दो टूक कह दिया कि सरकार के इस फैसले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल युवाओं का तर्क है कि महिलाओं को अतिरिक्त आरक्षण देने से युवाओं के हिस्से में भारी कटौती होगी और यह उनके साथ अन्याय हैं। युवाओं ने सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
इसके बाद तो खुद सीएम भजनलाल को इस पर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा- युवा चिंता ना करे और अपनी तैयारी करें, सरकार आने वाले समय में ढेर सारी भर्तियां लाने वाली हैं। हालाँकि सरकार के इस आश्वासन का युवाओं पर ज्यादा असर होता नहीं दिख रहा हैं और वे सरकार पर आरक्षण के फैसले को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।