1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. बिहार की सफलता का सूत्र यूपी में आजमाएंगे तावड़े

बिहार की सफलता का सूत्र यूपी में आजमाएंगे तावड़े

विनोद तावडे़ को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बिहार विधानसभा चुनाव जीत का फार्मूला अपनाए जाने का संकेत मिलने लगा है।✍️Anil Shahi

By HO BUREAU 

Updated Date

विनोद तावडे़ को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बिहार विधानसभा चुनाव जीत का फार्मूला अपनाए जाने का संकेत मिलने लगा है। चर्चा यह है कि तावड़े को यूपी में बीजेपी और योगी को लगातार तीसरी बार सत्तासीन करने के लिए भेजा गया है। इस जीत को सुनिश्चित करने के लिए एक तरफ जहां पार्टी ने यूपी बीजेपी की नई टीम में युवा और जातीय समीकरणों का भरपूर ध्यान रखा है वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय टीम में यूपी को विशेष महत्व दिया गया है।

पढ़ें :- लखनऊ में बड़ी वारदात, ICICI बैंक के बाहर पति ने पत्नी को गोली मारकर की हत्या

यूपी-बिहार की राजनीतिक स्थितियां, परिवेश और जातीय समीकरण कमोबेश एक जैसे हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रभारी के तौर पर विनोद तावड़े को यूपी को समझने और उस अनुरूप काम करने में कोई विशेष दिक्कत नहीं आएगी। पार्टी ने भी इसके लिए प्रदेश और क्षेत्र की नवगठित टीम में युवा और जातीय समीकरण का पूरा सामंजस्य बिठाया गया है।

भाजपा की नयी राष्ट्रीय टीम में यूपी से आठ चेहरों को जगह मिली है। जिसमें एक उपाध्यक्ष, दो महामंत्री, दो प्रकोष्ठों के अध्यक्ष यूपी से ही बनाए गए हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी का ज्यादा फोकस यूपी पर ही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में चुनाव अभियान का सफल संचालन करने वाले विनोद तावडे़ को इसीलिए यूपी का प्रभार दिया गया है। क्योंकि उनसे बीजेपी को उम्मीदें बहुत हैं।

यह भी पढ़ें : पैलेट गन से लेकर महिला सुरक्षा तक जंतर-मंतर हिंसा की जांच करेगी सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी

अगले वर्ष 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।जिनमें यूपी विधानसभा का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण और जटिल माना जा रहा है। इसकी एक विशेष वजह है 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की अप्रत्याशित सफलता और बीजेपी गठबंधन का प्रदेश में गिरता जनाधार। इसलिए पार्टी ने चुनाव को ध्यान में रखते हुए अल्पसंख्यक मोर्चा और ओबीसी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश से बनाया है।

पढ़ें :- बांदा में बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारी, कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव

यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर ब्राह्मण वर्ग को सहेजने का प्रयास किया गया है। राष्ट्रीय टीम में यूपी से तीन महिला नेत्रियों को मौका मिला है। ये नियुक्तियां आगामी चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश के महत्व को कहीं अधिक दर्शाती हैं। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा ने अपनी राष्ट्रीय टीम में 12 महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

पसमांदा मुस्लिम वर्ग से भी दो नेताओं को मिली जगह 

इसमें से तीन महिलाएं स्मृति ईरानी, रेखा वर्मा और संगीता यादव यूपी से ही आती हैं। काफी दिनों बाद स्मृति ईरानी की मेन स्ट्रीम में महामंत्री के रूप में वापसी हुई है। पार्टी ने वरिष्ठता और अनुभव का भी बखूबी ध्यान रखा है। इसीलिए जहां पूर्व संसद रेखा वर्मा को उपाध्यक्ष बनाकर उनकी वरिष्ठता का सम्मान किया गया है तो वहीं राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी को उनके सांगठनिक कौशल और अनुभव को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। भाजपा की इस टीम में पसमांदा मुस्लिम वर्ग से भी दो नेताओं को जगह मिली है।

इनमें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को उपाध्यक्ष और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान दी गई है। जातीय समीकरणों की बात करें तो यूपी से तीन ओबीसी (यादव, कुर्मी, मौर्य), एक-एक ब्राह्मण, पारसी और दलित को जगह मिली है।

लोकसभा चुनाव 2024 में हुई चूक को दृष्टिगत रखते हुए पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी बना कर ये संदेश दिया है कि इस बार कोई भी चूक नहीं होने देना है। तावडे़ ने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। इसके अलावा श्री तावड़े केरल, हरियाणा, त्रिपुरा और राजस्थान में अपने सांगठनिक कौशल का परिचय दे चुके हैं। अब पार्टी की निगाह इस बात पर है कि विनोद तावड़े बिहार की भांति उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी को बंपर जीत दिलाएंगे।

Disclaimer

पढ़ें :- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यूपी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपी SIT की फाइनल रिपोर्ट

इस लेख में व्यक्त सभी विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इन्हें केवल वेब पोर्टल पर प्रकाशन हेतु संपादित एवं व्यवस्थित किया गया है। मूल भाव, आशय एवं तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस लेख में व्यक्त विचारों, मतों अथवा उनसे उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के लिए वेब पोर्टल अथवा उसके प्रकाशक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होंगे।

✍️Anil Shahi

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।   

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com