बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की प्रक्रिया 15 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू होंगी। धाम के कपाट 19 नवंबर सायंकाल को शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।
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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुताबिक बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के बंद होने का कार्यक्रम पंच पूजाएं 15 नवंबर से शुरू हो जाएगी। 15 नवंबर को शायंकाल के बाद गणेश जी के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
आदि केदारेश्वर को 16 नवंबर को समाधि रूप देकर कपाट बंद किए जाएंगे। 17 नवंबर को खडग पुस्तक पूजन के बाद वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जाएगा। माता लक्ष्मी की 18 नवंबर को पूजा-अर्चना की जाएगी।
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19 नवंबर को रावल स्त्री भेष धारण कर माता लक्ष्मी को बदरीनाथ के समीप्य प्रतिष्ठित करेंगे। इससे पहले उद्धव, कुबेर मंदिर परिसर में आ जाएंगे। इसी दिन शाम 3 बजकर 35 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।