Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. हेल्थ
  3. आने वाली तपती गर्मी 2026: कैसे बचें लू से और कैसे रखें शरीर को ठंडा?

आने वाली तपती गर्मी 2026: कैसे बचें लू से और कैसे रखें शरीर को ठंडा?

By HO BUREAU 

Updated Date

Heat waves

साल 2026 की गर्मी को लेकर मौसम विशेषज्ञ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इस बार तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में सिर्फ पंखा-कूलर ही नहीं, बल्कि खान-पान, कपड़े और दिनचर्या—सब कुछ बदलना जरूरी हो जाता है।

पढ़ें :- श्रीनगर-कटरा वंदे भारत शुरू: कश्मीर को मिली रफ्तार

गर्मी सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि लू, डिहाइड्रेशन और हीट-स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएँ भी पैदा कर सकती है। इसलिए अगर कुछ सरल उपाय अपनाए जाएँ तो इस तेज गर्मी को काफी हद तक मात दी जा सकती है।

सबसे बड़ा हथियार: शरीर को हाइड्रेट रखना

गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए बहुत ज्यादा पानी निकलता है। इसलिए डॉक्टर बार-बार सलाह देते हैं कि बार-बार पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे।

इसके साथ कुछ पारंपरिक भारतीय पेय शरीर को तुरंत ठंडक देते हैं:

ORS या नमक-चीनी वाला पानी भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

पढ़ें :- Motorola Razr 70 Series लॉन्च: Ultra से Plus तक सब कुछ

ऐसे खाद्य पदार्थ जो शरीर को ठंडा रखते हैं

गर्मी के मौसम में खाना भी बदलना जरूरी है। भारी और मसालेदार भोजन शरीर का तापमान बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार इन चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए:

ये सभी पानी से भरपूर होते हैं और शरीर को भीतर से ठंडा रखते हैं।

लू से बचने के पारंपरिक घरेलू उपाय

भारत में सदियों से लोग कुछ सरल उपायों से लू से बचते आए हैं:

इन छोटे-छोटे उपायों से शरीर का तापमान काफी नियंत्रित रहता है।

पढ़ें :- बंगाल में BJP की आंधी? एग्जिट पोल vs असली सच्चाई

कैसे कपड़े पहनें ताकि गर्मी कम लगे

गर्मी में कपड़े भी बहुत बड़ा फर्क डालते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार:

पूरी आस्तीन वाले हल्के कपड़े त्वचा को सीधे सूरज की किरणों से भी बचाते हैं।

दिनचर्या में ये बदलाव बहुत जरूरी

गर्मी में जीवनशैली थोड़ी बदलनी पड़ती है:

अगर चक्कर, तेज बुखार या उल्टी जैसा महसूस हो तो यह हीट-स्ट्रोक का संकेत हो सकता है और तुरंत चिकित्सा मदद लेनी चाहिए।

भारतीय परंपरा में गर्मी से लड़ने के उपाय

दिलचस्प बात यह है कि भारत की परंपराओं में गर्मी से बचने के कई वैज्ञानिक तरीके पहले से मौजूद हैं मटका का पानी, सत्तू, छाछ, खस की खुशबू वाली चटाइयाँ, पतले सूती कपड़े और दोपहर में विश्राम। आज आधुनिक जीवन में हम इन्हें भूलते जा रहे हैं, जबकि यही तरीके शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने में मदद करते हैं।

पढ़ें :- बंगाल वोटिंग: 142 सीटों पर कड़ा सियासी मुकाबला

सपन दास  

Advertisement