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मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से 2,551 युवाओं को फायदा, अनुसूचित जनजाति के युवाओं को मिला सबसे ज्यादा लाभ

युवाओं को अधिक अनुदान भी प्राप्त हो रहा है। ऋण की सुविधा सिर्फ आर्थिक गतिविधियों के विकास के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण सह अनुदान राशि में संशोधन के फलस्वरूप स्वरोजगार के लिए अब 40 प्रतिशत की अनुदान राशि प्राप्त हो रही है।

By Akash Singh 
Updated Date

रांची : अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत ऋण की सुविधा अब राज्य के जरूरतमंद युवाओं की आजीविका का वाहक बन रहा है। कोरोना संक्रमण काल में बड़ी संख्या में अन्य प्रदेशों से लौटे प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूर्व से चली आ रही ऋण सह अनुदान योजना में संशोधन से युवाओं को लिए स्वरोजगार के अवसर मिला।  वर्ष 2021-22 में 2,551 युवाओं को योजना का लाभ मिला।

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एसटी युवा हुए सबसे ज्यादा लाभान्वित

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का सबसे अधिक लाभ अनुसूचित जनजाति के युवाओं ने लिया है। निगम प्रमंडलीय शाखा के आकंड़ों को देखें तो रांची शाखा में 372, हजारीबाग शाखा में 79, दुमका शाखा में 324, चाईबासा शाखा में 146 और डालटनगंज शाखा में 23 अनुसूचित जनजाति के युवाओं को योजना का लाभ मिला है। अनुसूचित जाति के 648 युवा, पिछड़ा वर्ग के 657, अल्पसंख्यक वर्ग के 249 एवं 53 दिव्यांग युवा लाभान्वित हुए हैं।

इसके तहत अनुसूचित जनजाति के युवाओं को लोन के तौर पर 22 करोड़ 19 लाख 47 हजार 271 रुपये, अनुसूचित जाति के युवाओं को ऋण के रूप में 42 करोड़ 54 लाख आठ हजार 377 रुपये, पिछड़ा वर्ग को 11 करोड़ 38 लाख, 89 हजार 928 रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के बीच 5 करोड़ 28 लाख 46 हजार 784 रुपये और दिव्यांग युवाओं के बीच 56 लाख 43 हजार 422 रुपये का लोन स्वरोजगार हेतु उपलब्ध कराया गया है।

यहां के युवाओं ने लिया सबसे ज्यादा लाभ

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योजना के तहत दुमका के अनुसूचित जनजाति के 143, सिमडेगा के 134, रांची के 133, पश्चिमी सिंहभूम के 118 युवाओं ने योजना का लाभ लिया। पलामू में निवास करने वाले 228 अनुसूचित जाति वर्ग के, पिछड़ा वर्ग में सबसे अधिक हजारीबाग के 112, अल्पसंख्यक वर्ग में रांची के 43 एवं रांची के ही सबसे अधिक 13 दिव्यांग युवाओं ने आगे बढ़कर योजना से आच्छादित हुए।

अवसर का लाभ ले रहे हैं युवा

ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से जोड़ने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग युवाओं को रोजगार से जोड़ने एवं उद्यमिता विकास के लिए झारखंड राज्य आदिवासी सहकारी निगम, झारखंड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम, झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम और झारखंड राज्य अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम से ऋण लेने की प्रक्रिया को लचीला बनाया गया है।

ऐसे युवाओं को अधिक अनुदान भी प्राप्त हो रहा है। ऋण की सुविधा सिर्फ आर्थिक गतिविधियों के विकास के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण सह अनुदान राशि में संशोधन के फलस्वरूप स्वरोजगार के लिए अब 40 प्रतिशत की अनुदान राशि प्राप्त हो रही है। पूर्व में यह 25 प्रतिशत एवं अधिकतम ढाई लाख रुपये था। संशोधन के उपरांत 40 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान युवा प्राप्त कर रहे हैं।

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