West Bengal : कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एनसीआरटी की कक्षा 9 की किताब में मुगल शासन और सिख गुरुओं के संघर्ष से जुड़े इतिहास के उल्लेख को लेकर सवाल उठाए हैं।
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West Bengal : कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एनसीआरटी की कक्षा 9 की किताब में मुगल शासन और सिख गुरुओं के संघर्ष से जुड़े इतिहास के उल्लेख को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किताबों में इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है, जिससे आने वाली पीढ़ी को गलत जानकारी मिल सकती है। मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार की जाने वाली एनसीआरटी की किताबों में इतिहास की सच्चाई को बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा, “इतिहास तो इतिहास है। हो सकता है आपको वह पसंद आए या न आए, लेकिन इतिहास अपनी जगह रहता है। अगर जानबूझकर बच्चों के दिमाग में इतिहास को अपनी जरूरत या विचारधारा के मुताबिक बैठाने की कोशिश की जाती है, तो यह इतिहास का अपमान होगा।”
चौधरी ने कहा कि इतिहास किसी भी देश और समाज की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर व्यक्ति को यह जानने का अधिकार है कि देश का अतीत क्या रहा है और अलग-अलग ऐतिहासिक घटनाओं का वास्तविक स्वरूप क्या था।
उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में बदलाव करते समय तथ्यों और ऐतिहासिक स्रोतों का ध्यान रखा जाना चाहिए, क्योंकि इन्हीं किताबों के माध्यम से नई पीढ़ी देश के इतिहास को समझती है। वहीं, इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर भी अधीर रंजन चौधरी ने अपनी बात रखी। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और “वोट चोरी” के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं।
चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी ने इन मुद्दों को संसद, सड़कों और अदालतों तक उठाया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को इन विषयों पर मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का उद्देश्य लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाना है। चौधरी ने विपक्षी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों पर आंदोलन को व्यापक बनाने की अपील भी की। (आईएएनएस)
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