Chitrakoot : भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में भाद्रपद मास अमावस्या पर आस्था का ऐसा ऐतिहासिक सैलाब उमड़ा जिसने आपदा के हर खौफ को पीछे छोड़ दिया।✍️Sandeep
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Chitrakoot : भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट में भाद्रपद मास अमावस्या पर आस्था का ऐसा ऐतिहासिक सैलाब उमड़ा, जिसने आपदा के हर खौफ को पीछे छोड़ दिया। बीते दिनों मंदाकिनी नदी में आई सदी की सबसे प्रलयंकारी बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित और क्षतिग्रस्त हो चुके रामघाट पर योगी सरकार के अच्छे प्रबंधन का जादू साफ देखने को मिला।
जहां कुछ दिन पहले बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, वहीं योगी सरकार की त्वरित कार्यप्रणाली और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते महज कुछ ही दिनों में स्थिति को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया। इसी का नतीजा है कि साल के इस दूसरे सबसे बड़े मेले में पिछले दो दिनों के भीतर रिकॉर्ड 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के सुरक्षित स्नान व दर्शन किए।
हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण रामघाट पूरी तरह मलबे और अव्यवस्था की चपेट में आ गया था। श्रद्धालुओं के परिजनों को डर था कि इस बार यात्रा सुरक्षित नहीं होगी, लेकिन सीएम योगी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने दिन-रात एक करके घाटों की युद्धस्तर पर सफाई कराई, बैरिकेडिंग दुरुस्त की और सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए कि आपदा का नामोनिशान मिट गया। गुरुवार की रात से ही शुरू हुआ श्रद्धालुओं का रेला शुक्रवार को भी अनवरत जारी रहा। योगी सरकार के कुशल प्रबंधन के चलते लाखों की भीड़ होने के बावजूद कहीं कोई अव्यवस्था या तनिक भी असुविधा देखने को नहीं मिली।
मेले में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान कामतानाथ स्वयं श्रीराम के स्वरूप हैं, जिन्होंने यहां वनवास का लंबा समय बिताया था। श्रद्धालुओं ने कहा, “बाढ़ की खबरें देखकर घरवाले चित्रकूट आने से मना कर रहे थे लेकिन जब हम यहां पहुंचे तो योगी सरकार की व्यवस्थाएं देखकर दंग रह गए। प्रशासन ने सुरक्षा की इतनी शानदार व्यवस्था की है कि हमें किसी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ा। मां मंदाकिनी में पवित्र स्नान और कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा बेहद सुगमता से संपन्न हुई।
भरत मंदिर के महंत भरतदास महाराज ने भी योगी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि भीषण बाढ़ के बाद जिस तरह की तबाही मची थी, उससे लग रहा था कि इस बार मेला प्रभावित होगा। परंतु, शासन और प्रशासन ने सुरक्षा के जो अभूतपूर्व इंतजाम किए उसी का परिणाम है कि लाखों श्रद्धालु आज पूरी आस्था के साथ सुरक्षित स्नान और पूजन कर पा रहे हैं।
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