केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने असम के प्रसिद्ध सेनापति लचित बोरफुकन की 400वीं जयंती पर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि युद्ध नायक बोरफुकन ने मुगलों से लोहा लिया था।
अगर लचित बोरफुकन नहीं होते तो भारत का नक्शा कुछ और होता। असम सरकार ने लचित बोरफुकन के विचार को पहुंचाने का काम किया है। आज असम से लेकर दिल्ली तक कई समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में यह बात कही।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंताजी ने बहुत अच्छा काम किया है। मैं आह्वान कर रहा हूं कि 30 ऐसे साम्राज्य चुनिए इनपर लिखिए.. नया इतिहास आएगा. ये सरकार देश के गौरव के लिए काम करने तत्पर है।