1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. मध्य प्रदेश में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए चार विशेष अदालतों का गठन

मध्य प्रदेश में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए चार विशेष अदालतों का गठन

MP News : मध्‍य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार और उच्‍च न्‍यायालय द्वारा राज्‍य में पेपर लीक और नकल से जुडे मामलों की त्‍वरित सुनवाई के लिए चार विशेष अदालतों का गठन किया गया है।

By HO BUREAU 

Updated Date

MP News : मध्‍य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार और उच्‍च न्‍यायालय द्वारा राज्‍य में पेपर लीक और नकल से जुडे मामलों की त्‍वरित सुनवाई के लिए चार विशेष अदालतों का गठन किया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट का गठन करने वाला भारत का सबसे पहला राज्‍य मध्‍य प्रदेश बन गया है।

पढ़ें :- दिल्ली प्रदर्शन केस : सुप्रीम कोर्ट में गृह सचिव गोविंद मोहन ने मांगी माफी, जानें इंटरनेट बंद करने पर क्या दी सफाई?

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि विशेष फास्‍ट ट्रेक कोर्ट परीक्षाओं मे नकल रोकने के लिए बनाई गई त्‍वरित जांच-कानूनी प्रणाली या उडनदस्‍तों से संबंधित है। इन फास्‍ट-ट्रैक अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मामले का निपटारा (ट्रायल पूरा) करने का लक्ष्‍य दिया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट में पैरवी विशेष अभियोजक करेंगें। संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्‍व मे एसआईटी का गठन किया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, और जबलपुर महानगरों में बनाई जाएगी, जिनका कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है।

राज्य में जिन चार विशेष न्यायालय का गठन किया गया है, उनमें से एक भोपाल में फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय होगा, जिसके अंतर्गत भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा जिलों के मामलों की सुनवाई करेगी। इंदौर के फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंतर्गत इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन, देवास और आसपास के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामलों को देखेगी।

इसी तरह ग्‍वालियर फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ जिलों का अधिकार क्षेत्र इसके पास है। इसके अलावा जबलपुर फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंतर्गत जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल, बुंदेलखंड के अन्य जिलों के मामले यहां सुने जाएंगे।

राज्‍य शासन ने फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की है। विशेष अभियोजक इन प्रकरणों में साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण, गवाहों के समुचित प्रबंधन और न्यायालयीन पैरवी पर विशेष ध्यान देंगे। इससे मामलों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में सहायता मिलेगी। (आईएएनएस)

पढ़ें :- CM योगी ने वाराणसी में किया स्वच्छता मित्रों का सम्मान, कहा - 'स्वच्छता कर्मी नींव के पत्थर...'

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com