दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा में बगावत तेज हो गई। समर्थकों ने दतिया-झांसी हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध हिंसक हो गया। नाराज समर्थकों ने दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान कई बसें और एंबुलेंस भी घंटों तक फंसी रहीं।
शुक्रवार शाम शुरू हुआ प्रदर्शन पूरी रात चलता रहा। शनिवार सुबह प्रशासन ने हाईवे खाली कराने की कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उनके नहीं मानने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और पथराव हुआ।
पथराव में पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रशासन का कहना है कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया, बल्कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है। उपद्रव के दौरान कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई, पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ स्थानों पर आगजनी की भी कोशिश हुई। प्रदर्शन की शुरुआत टिकट घोषित होने के तुरंत बाद हुई। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता हाईवे पर उतर आए और “नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद” तथा “टिकट वापस लो” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पार्टी अपना फैसला वापस नहीं लेती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 24 घंटे के भीतर टिकट नहीं बदले जाने पर दोबारा हाईवे जाम करने की चेतावनी भी दी है।
विवाद के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित कई पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टिकट बदलने का फैसला स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी कर लिया गया। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कंपनियां भी बुलाई जा रही हैं। उधर, भाजपा ने आशुतोष तिवारी को संगठन का मजबूत और समर्पित चेहरा बताते हुए उम्मीदवार बनाया है, लेकिन नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का विरोध पार्टी के लिए उपचुनाव से पहले बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।
Edited by: Ritu Joshi
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