1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी पर साधा निशाना, कहा – ‘विपक्ष से सवाल, अपनी कमियां छिपा रहे…’,

मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी पर साधा निशाना, कहा – ‘विपक्ष से सवाल, अपनी कमियां छिपा रहे…’,

Mallikarjun Kharge : कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया।✍️Avinay Mishra

By HO BUREAU 

Updated Date

Mallikarjun Kharge : कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया। उन्होंने PM मोदी के दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC में दिए भाषण का जिक्र किया। 

पढ़ें :- 'आंदोलन के दौरान बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे...', CJP को लेकर बोलीं मायावती

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कल दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC में गए। यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था, लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया। मोदी जी की Modus Operandi लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए विपक्ष को साल दर साल एक नई Adjectives देना, ताकि उनकी खुद की नाकामियां छिपी रहे।

.@narendramodi जी कल दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC में गए। यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था। लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया।

मोदी जी की Modus Operandi —

लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए…

पढ़ें :- Jammu - Kashmir : सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी यासिर ढेर

— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 6, 2026

‘…लेकिन मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलतीं’

खड़गे ने कहा कि नाराज़ फूफा, दिमाग़ी Naxal Urban, Naxal Khan, Market Gang आंदोलनजीवी, परजीवी Adjectives बदलते रहते हैं, लेकिन मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलतीं। मोदी जी, Outreach तभी करनी पड़ती है, जब आप Out of Reach हो जाते हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपना “Report Card” दिखाया। देश का युवा भी अपना Report Card लेकर खड़ा है। इस Report Card में है।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियां, पेपर लीक से परेशान विद्यार्थी, महंगी होती शिक्षा, घटते छात्रवृत्ति अवसर और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बढ़ता दबाव ‘छात्रों की गूंज’ को सुनिए, इधर-उधर की बातों से समाधान नहीं निकलेगा।

✍️Avinay Mishra

पढ़ें :- Women Asia Cup : महामुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, भारत की प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com