मुंबई। नितिन देसाई की बेटी बोलीं, मेरे पिता के इरादे गलत नहीं थे। जाने-माने आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई के 2 अगस्त की सुबह खुदकुशी करने के बाद से ही उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हैं।
पढ़ें :- UPI को वैश्विक बनाने की दिशा में भारत का अगला कदम, PM मोदी बोले - बीमा और निवेश पर देना होगा जोर
लोग फिल्म इंडस्ट्री के साथ ही बॉलीवुड के रिलेशन और एक दूसरे से दूरियों को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। 4 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार किया गया। जिसके बाद अब उनकी बेटी मानसी ने महाराष्ट्र सरकार से केस की जांच करने की अपील की है।
मानसी ने कहा है कि उनके पिता का इरादा गलत नहीं था। वे अपने सभी लोन चुकाने वाले थे। मानसी ने मीडिया से भी अपील की है कि बिना जानकारी के उनके पिता के बारे में गलत खबरें ना चलाएं। जिससे मरने के बाद भी घरवालों को तकलीफ हो।
मानसी ने कहा कि मेरे पिता ने 181 करोड़ का लोन लिया था। जिसमें से कुछ हिस्सा वो चुका चुके थे। लेकिन कोरोना की वजह से हर इंडस्ट्री की तरह ही बॉलीवुड में भी काम मिलना पूरी तरह से बंद हुआ और बहुत से लोग बरबाद हो गए।लेकिन मेरे पिता जल्द पूरा कर्जा चुकाने वाले थे। लोन देने वालों ने 6 महीने का ब्याज एडवांस में मांगा था।
आर्थिक नुकसान झेलने के कारण फेवर में नहीं थे सिचुएशन
पढ़ें :- तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण: 26/11 हमले के आरोपी को भारत लाने का रास्ता साफ (मुंबई हमलों की पृष्ठभूमि को भी जाने )
पिता ने पवई का अपना ऑफिस बेच कर वो भी चुका दिया था। उनका इरादा गलत नहीं था। मगर काफी ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलने के कारण सिचुएशन फेवर में नहीं थे। कोई काम नहीं मिल पा रहा था।
स्टूडियो भी बंद था। जिसकी वजह से नियमित पैसे नहीं चुका पा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में एडलवाइस एसेट रिकंस्ट्रक्शन फाइनेंस कंपनी के पदाधिकारी सहित अन्य 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
2016 में नितिन देसाई की ND आर्ट कंपनी ने इसी कंपनी से लोन लिया था।जिसमें अब पुलिस मामले से जुड़े एडलवाइस कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ भी कर रही है। बताया जा रहा है कि लोन की रकम 150 करोड़ थी।