असम : असम के कार्बी आंगलोंग जिले में 6-7 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गुरुवार को पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाई में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पढ़ें :- Aaj Ka Rashifal: हृदय और BP पर असर, रहें सतर्क
बोकाजन के एसडीपीओ (SDPO) जॉन दास ने कहा कि पुलिस ने आज कार्बी आंगलोंग जिले में दो अलग-अलग अभियानों में 6-7 करोड़ रुपये मूल्य की 1.304 किलोग्राम हेरोइन जब्त की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया. मामले के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि पहले अभियान में कार्बी आंगलोंग जिला पुलिस ने लहरिजन क्षेत्र से 304 ग्राम हेरोइन जब्त की और एक व्यक्ति को पकड़ा गया.
व्यक्ति की पहचान दोबोका इलाके के रहने वाले फैयास उद्दीन (18) के रूप में हुई है. बोकाजन के एसडीपीओ जॉन दास ने एएनआई को बताया कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, प्रभारी लहरिजन पीपी एएसआई जितेन गोगोई, एसआई (पी) शरत काकती, सी20 सीआरपीएफ कैंप बोकाजन और पीपी स्टाफ द्वारा लहरिजन पुलिस प्वाइंट के सामने एक चेकपॉइंट स्थापित किया गया था
दास ने कहा कि दूसरे अभियान में दीफू रेलवे स्टेशन के बाहर नशा रोधी अभियान चलाया गया. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 1 किलो हेरोइन बरामद की और राजस्थान के झालावाड़ के रहने वाले चंद्रशेखर सेन (45) और धीरज सोलंकी (30) के रूप में पहचाने गए दो लोगों को पकड़ा. दूसरे अधिकारी ने बताया कि एसडीपीओ बोकाजन और उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) ने दिफू पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी की मदद से छापेमारी की गई.
असम की पहली जी20 बैठक आज से शुरू होगी
पढ़ें :- Aaj Ka Rashifal: गर्मी बढ़ाएगा चंद्रमा प्रभाव
असम में पहली जी20 बैठक आज से शुरू होगी. इसमें सौ से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे. बैठक के दौरान स्थायी वित्तीय समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।. वित्त मंत्रालय (एमओएफ) के सलाहकार गीतू जोशी ने इसके बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस बैठक में जी20 देशों, अतिथि देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक प्रतिनिधि दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेंगे.
उन्होंने बताया कि गुवाहाटी ‘पहली सस्टेनेबल फाइनेंस वर्किंग ग्रुप मीटिंग’ (एसएफडब्ल्यूजीएम) की मेजबानी कर रहा है. एसएफडब्ल्यूजीएम के तीन मुख्य एजेंडे जलवायु वित्त के लिए समय पर और पर्याप्त संसाधन जुटाना, सतत विकास लक्ष्यों के लिए वित्त को सक्षम बनाना और सतत विकास के वित्तपोषण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र की क्षमता निर्माण करना है.