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पीएम नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा, कहा: मैं एकता नगर में हूं, मेरा मन मोरबी के पीड़ितों से जुड़ा है।

पीएम नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है। गुजरात में विधानसभा चुनाव की शुरूवात होने वाली है। वही लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे हैं। भारत के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और जल चढ़ाकर उनको नमन किया।

By आकृति 
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पीएम नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है। गुजरात में विधानसभा चुनाव की शुरूवात होने वाली है। वही लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे हैं। भारत के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और जल चढ़ाकर उनको नमन किया।

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पीएम इसके बाद केवड़िया परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड कार्यक्रम में शामिल हुए। विभिन्न राज्यों की पुलिस फोर्स के जवानों ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर परेड निकाला, जिसका पीएम मोदी ने निरीक्षण किया।

पीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत मोरबी पुल हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए की। उन्होंने कहा- मैं एकता नगर में हूं, मेरा मन मोरबी के पीड़ितों से जुड़ा है। शायद ही जीवन में मैंने बहुत कम ऐसी पीड़ा अनुभव की होगी। एक तरफ करुणा से भरा पीड़ित दिल है तो दूसरी ओर कर्त्तव्य पथ है।

जिन लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं देशवासियों को आश्वस्त करता हूं कि मोरबी हादसा पीड़ितों को हर संभव मुहैया कराई जाएगी।

गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल बीती रात मोरबी पहुंचे। वह कल से ही राहत और बचाव कार्यों की कमान संभाल रहे हैं। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। राहत और बचाव कार्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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पीएम मोदी ने कहा, 2022 में राष्‍ट्रीय एकता दिवस को बहुत विशेष अवसर के रूप में मैं देख रहा हूं। यह वह वर्ष है जब हमने आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। हम नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

अगर भारत के पास सरदार पटेल जैसा नेतृत्व न होता तो क्या होता? अगर 550 से ज्यादा रियासतें एकजुट न हुई होती तो क्या होता? हमारे ज्यादातर राजा रजवाड़े त्याग की पराकाष्ठा न दिखाते, तो आज हम जैसा भारत देख रहे हैं हम उसकी कल्पना न कर पाते। ये कार्य सरदार पटेल ने ही सिद्ध किए हैं। अतीत की तरह ही भारत के उत्थान से परेशान होने वाली ताकतें आज भी मौजूद हैं।

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