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राममंदिर की सुरक्षा होगी अभेद्य, परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर

अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बीते दिनों एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह से अभेद्य बनाया जाए जिससे कोई परिंदा भी पर ना मार सके।

By Ujjawal Mishra 
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Ayodhya Ram-Mandir : प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बीते दिनों एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह से अभेद्य बनाया जाए जिससे कोई परिंदा भी पर ना मार सके। बैठक में श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्रा, रामजनभूमि की सुरक्षा का दायित्व निभा रहे बीएसएफ के रिटायर्ड डीजी केके शर्मा के अलावा प्रदेश के आला अधिकारी मौजूद थे।

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मंदिर परिसर में प्रवेश करने वालों के लिए बनाई जायेगी विशेष आईडी 

इस बैठक में इस बात पर फैसला लिया गया कि राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश लेने वाले सभी लोगों के लिए एक विशेष आईडी बनाई जाएगी। ये आईडी पूरी तरह से डिजिटल युक्त होगी। इसके अलावा सभी प्रवेश द्वारों पर एक विशेष तरह के डिवाइस भी लगाए जायेंगे जो थंब इंप्रेशन और फेस स्कैनर से युक्त होंगे।

दरअसल इन दिनों राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में कुल 2000 सुरक्षाकर्मी हर वक्त तैनात रहते हैं। बता दें कि जैसे जैसे मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ते जा रहा है और मंदिर भव्यता और दिव्यता का आकार ले रही है उसी प्रकार से ट्रस्ट इन दिनों मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चौबंद करने की कोशिश में जुटा हुआ है।

रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन’ से होगी कर्मचारी और पदाधिकारियों की पहचान 

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जानकारी के मुताबिक राम जन्मभूमि परिसर में दाखिल होने वाले सभी लोगों की एक विशेष आईडी बनाई जाएगी जो डिजिटल आईडी होगी। इसके अलावा सभी प्रवेश द्वारों पर एक विशेष डिवाइस भी लगाया जाएगा जिससे होकर सभी सुरक्षाकर्मी और मंदिर निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों को गुजारना होगा।

वहीं प्रवेश से पहले कर्मचारियों और पदाधिकारियों को प्रवेश द्वार पर लगे डिजिटल डिवाइस (RFID) यानी ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन’ पर अपना थंब इंप्रेशन देना होगा जिससे की उनकी पहचान की जा सकेगी। अब इन डिजिटल मशीनों के लगने के बाद से मंदिर परिसर में उन्हीं कर्मचारियों और पदाधिकारियों को प्रवेश मिल पाएगी जिनका डाटा पहले से इस डिवाइस में स्टोर होगा। जानकारी के मुताबिक इस डिवाइस को आने वाले कुछ दिनों के भीतर मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर लगा दिया जायेगा।

 

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