स्वस्थ एवं मजबूत लोकतंत्र के लिए सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की तरह वेतनभोगी जनप्रतिनिधियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। सत्ता जनता के लिए होती है, जनता सत्ता के लिए नहीं। जनता ही चुनाव में वोट देती है और हर महीने टैक्स भी भरती है। इसके बदले में जनता उम्मीद

