Delhi : सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।✍️अरविंद कुमार
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Delhi : सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बिना मंजूरी बनी पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD के कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के ढहने और इसमें 7 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में ऐसी सभी इमारतों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिनमें नियमों के विपरीत पांचवीं मंजिल का निर्माण किया गया है।
सरकार के निर्देश के मुताबिक बिना स्वीकृति बनी पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को सील किया जाएगा। इसके साथ ही आसपास की इमारतों और पीजी की भी जांच की जा रही है।
सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली सरकार ने MCD के कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक संबंधित क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। सरकार का कहना है कि हादसे में लापरवाही या जिम्मेदारी तय होने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दक्षिण कैंपस थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने समेत कई आरोपों के तहत जांच शुरू की है।
सत्य निकेतन में हादसे के बाद आसपास रहने वाले छात्रों में भी डर का माहौल है। कई छात्र अपने पीजी और आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने आसपास मौजूद पीजी और दूसरी इमारतों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में अगर किसी इमारत में नियमों का उल्लंघन या अवैध निर्माण पाया जाता है तो सीलिंग समेत अन्य सख्त कार्रवाई की जाएगी।
MCD अधिकारियों के अनुसार हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 30 साल पुरानी थी और इसका इस्तेमाल लड़कों के पीजी के तौर पर किया जा रहा था। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मरम्मत का काम चलने के दौरान इमारत अचानक भरभराकर गिर गई।
मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना के बाद पुलिस, दमकल, एंबुलेंस और एनडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। हादसे के बाद लगातार दूसरे दिन भी बचाव अभियान जारी रहा।
सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में पुराने और कमजोर भवनों के साथ-साथ अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सरकार ने ऐसी इमारतों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई का अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं। खास तौर पर बिना मंजूरी अतिरिक्त मंजिल बनाए जाने के मामलों की जांच की जाएगी।
✍️अरविंद कुमार
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