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अर्पण वस्त्र दान केंद्र: दिल्ली सरकार की नई पहल से पुराने कपड़ों को मिलेगा नया जीवन

दिल्ली सरकार और डीएमआरसी ने 10 मेट्रो स्टेशनों पर 'अर्पण वस्त्र दान केंद्र' शुरू किए हैं। यहां दान किए गए पुराने कपड़ों का पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग होगी। उपयोगी कपड़ों से नए उत्पाद बनाए जाएंगे, जबकि दानकर्ताओं को QR कोड के जरिए डिजिटल प्रमाण पत्र भी मिलेगा। ✍️ अरविंद कुमार

By HO BUREAU 

Updated Date

दिल्ली सरकार और डीएमआरसी की संयुक्त पहल ‘अर्पण वस्त्र दान केंद्र’ के तहत अब पुराने कपड़ों का पुन: उपयोग और रीसायकल किया जाएगा। इस अभियान से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

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10 मेट्रो स्टेशनों पर शुरू हुई अनूठी पहल

दिल्ली सरकार और डीएमआरसी ने राजधानी के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ‘अर्पण वस्त्र दान केंद्र’ स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर लोग सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक अपने पुराने कपड़े दान कर सकते हैं। दान की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। दानकर्ता क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी जानकारी दर्ज करते हैं और उन्हें सरकार की ओर से डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है।

पुराने कपड़ों से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण

इस अभियान के तहत उपयोग योग्य पुराने कपड़ों से महिला स्वयं सहायता समूह बैग, सजावटी वस्तुएं और दैनिक उपयोग की कई अन्य चीजें तैयार करेंगे। वहीं जो कपड़े इस्तेमाल के लायक नहीं होंगे, उन्हें रीसायकल कर धागे और अन्य उपयोगी कच्चे माल में बदला जाएगा। इस पहल से कपड़ा अपशिष्ट कम होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के लिए स्वरोजगार व आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार होंगे।

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लोगों ने की पहल की सराहना

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री की यह पहल राजधानी में स्वच्छता अभियान को मजबूती देगी। अक्सर पुराने कपड़े कूड़े में फेंक दिए जाते हैं, जिससे नालियां जाम होती हैं और कचरे के ढेर बढ़ते हैं। ऐसे में वस्त्र दान केंद्रों के माध्यम से इन कपड़ों का सही उपयोग होगा और शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।

जरूरतमंदों तक पहुंचेगा दान का लाभ

केंद्र संचालित करने वाली महिलाओं के अनुसार, दानकर्ताओं को डिजिटल प्रमाण पत्र मिलेगा, जो भविष्य में सरकार की किसी योजना से जुड़ने पर लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि उपयोगी कपड़ों से तैयार वस्तुएं स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई जाएंगी। वहीं अच्छी स्थिति वाले कपड़े गरीब और जरूरतमंद बच्चों में वितरित किए जाएंगे। यह पहल दिल्ली सरकार की स्वच्छता, डिजिटल सेवाओं, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकार को एक साथ जोड़ने वाली सराहनीय पहल के रूप में देखी जा रही है।

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नोट (डिस्क्लेमर)

इस लेख में व्यक्त सभी विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इन्हें केवल वेब पोर्टल पर प्रकाशन हेतु संपादित एवं व्यवस्थित किया गया है। मूल भाव, आशय एवं तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस लेख में व्यक्त विचारों, मतों अथवा उनसे उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष परिणाम के लिए वेब पोर्टल अथवा उसके प्रकाशक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होंगे।

✍️ अरविंद कुमार

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