Delhi Mayor Election: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर चुनाव के लिए बुधवार को नोटिफिकेशन जारी हो गया है. एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक राजधानी के नए महापौर के चुनाव के लिए 6 जनवरी को मतदान होगा. जीते हुए निगम पार्षद महापौर पद के लिए 27 दिसंबर तक नामांकन कर सकते हैं. निगम अधिकारियों के मुताबिक प्रत्याशी चुनाव से पहले कभी भी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं.
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जानकारी के मुताबिक दिल्ली नगर निगम के महापौर, उप महापौर और सदन की स्थायी समिति के 6 सदस्यों के पदों के लिए 6 जनवरी को बैठक सुबह 11 बजे होगी. महापौर का चुनाव सीक्रेट बैलेट के जरिए होगा. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एमसीडी में जीते हुए प्रत्याशियों की उठापटक तेज हो गई है. लोगों ने अपनी आकाओं के पास हाजिरी लगानी शुरू कर दी है. बता दें दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने 6 जनवरी, 2023 को नगर निगम की पहली बैठक बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.
मेयर चुनाव की प्रक्रिया?
निगम का यह पहला सदन होगा, जिसमें 250 पार्षद शामिल होंगे. सदन की बैठक मिंटो रोड पर एमसीडी के मुख्यालय, सिविक सेंटर में आयोजित होगी. महापौर का पद रोटेशन के आधार पर एक-एक साल के लिए होगा, जिसमें पहला वर्ष महिलाओं के लिए आरक्षित है, दूसरा अनारक्षित वर्ग के लिए, तीसरा आरक्षित वर्ग के लिए, और शेष दो भी अनारक्षित श्रेणी में हैं.
दिल्ली में मेयर बनाने के लिए कितने वोट जरूरी?
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इस बार परिसीमन के बाद दिल्ली नगर निगम में 250 वॉर्ड निर्धारित किए गए. 250 का अध्यक्ष एक मेयर होगा. मेयर बनने के लिए 138 वोट होने जरूरी है. दिल्ली मेयर के चुनाव में सभी निर्वाचित 250 पार्षद, दिल्ली के 7 लोकसभा सांसद, 3 राज्यसभा सांसद, और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से 14 मनोनीत विधायक इस मेयर चुनाव में वोट करते हैं.
138 वोट प्राप्त करने वाला उम्मीदवार 1 साल के लिए दिल्ली एमसीडी में मेयर चुना जाता है. बता दें कि अगर मेयर के लिए सिर्फ एक प्रत्याशी ने ही नामांकन दाखिल किया तो चुनाव नहीं होगा. एक ही प्रत्याशी आने की स्थिति में उसे निर्विरोध महापौर घोषित कर दिया जाएगा.
अभी किसके पास कितनी सीटें?
दिल्ली नगर निगम चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी की शानदार जीत हुई. पहली बार दिल्ली एमसीडी पहुंचने वाली आम आदमी पार्टी का हौसला बुलंद है और अब मेयर को लेकर जोर आजमाइश तेज हो चुकी है. आम आदमी पार्टी ने इस बार 134 सीटें जीती हैं. वहीं बीजेपी को सिर्फ 104 सीटों पर जीत मिली है. कांग्रेस को 9 सीटें मिली हैं. वहीं तीन निर्दलीय जीतकर आए हैं.