नई दिल्ली। वर्ष 2018, 2019 और 2020 में उत्तीर्ण स्नातकोत्तर डिग्रीधारी छात्रों के लिए VMMC और सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। मालूम हो कि उनकी डिग्री कोविड महामारी के दौरान प्रदान नहीं की जा सकी थी। समारोह 16 मई को डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर भारत सरकार के सचिव, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और महानिदेशक आईसीएमआर डॉ. राजीव बहल व कुलपति जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय उपस्थित थे। इस मौके पर VMMC की प्रिंसिपल प्रोफेसर गीतिका खन्ना ने कहा कि संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, प्रभावशाली अनुसंधान के लिए प्रतिष्ठित अवसर खोलने जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से खुद को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट संस्थान के रूप में मजबूती से स्थापित किया है।

VMMC और सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना तलवार ने छात्रों से कहा कि आपने एक ऐसा रास्ता चुना है जो कोई पेशा नहीं है। मेरा मानना है कि यह एक आह्वान है। डॉक्टर और मरीज़ के बीच का रिश्ता लेन-देन का नहीं होता, भले ही इसमें मौद्रिक विचार शामिल हों। इसके लिए न केवल ज्ञान और कौशल की आवश्यकता है, बल्कि सहानुभूति की क्षमता, आंसू पोंछने की क्षमता और आवश्यकता पड़ने पर भावनात्मक समर्थन प्रदान करने की भी आवश्यकता है।

डॉ. राजीव बहल ने स्नातकों को शोध करने के लिए किया प्रोत्साहित
समारोह में 210 स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया और मेधावी छात्रों को 36 पदक प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि डॉ. राजीव बहल ने कहा कि VMMC और सफदरजंग अस्पताल मेडिकल कॉलेजों में अग्रणी है और उन्होंने स्नातकों को शोध करने के लिए प्रोत्साहित किया। कुलपति प्रोफेसर महेश वर्मा ने कहा कि वीएमएमसी सर्वश्रेष्ठ छात्रों और अधिकतम पाठ्यक्रमों के साथ जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय के ताज का रत्न है।