दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में रोहिणी क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो संदिग्ध शूटर गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल बरामद की हैं।
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रोहिणी क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। शाहबाद डेयरी थाना क्षेत्र के रोहिणी सेक्टर-29 स्थित खेड़ा खुर्द के पास देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो अवैध पिस्टल भी बरामद की हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गश्त के दौरान स्कूटी पर सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई। आरोप है कि दोनों ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को काबू कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि गिरफ्तार आरोपी पूठ खुर्द के चर्चित जोगिंदर डबास हत्याकांड में कथित रूप से शामिल रहे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गैंग के अन्य सदस्यों के निर्देश पर इन दोनों ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिया था या नहीं।
रोहिणी क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई की निगरानी एसीपी गिरीश कौशिक और इंस्पेक्टर प्रदीप जाखड़ ने की। मुठभेड़ की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। फिलहाल जांच एजेंसियां गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं ताकि गैंग के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और हाल के आपराधिक मामलों से जुड़े अहम सुराग जुटाए जा सकें।
हिमांशु उर्फ भाऊ का नाम दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में सक्रिय संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों में लिया जाता है। वह हरियाणा के रोहतक का रहने वाला बताया जाता है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में उसके विदेश में होने की बात सामने आती रही है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज बताए जाते हैं। कुछ रिपोर्टों में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने का भी दावा किया गया है।
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, इस गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। इनमें जून 2024 में पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित एक फास्ट फूड आउटलेट में हुई गोलीबारी, जिसमें एक युवक की मौत हुई थी, भी शामिल है। इसके अलावा एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग और हरियाणा के गोहाना में कारोबारियों पर हुई गोलीबारी जैसे मामलों में भी जांच के दौरान गैंग का नाम सामने आया था।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गैंग के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं, हाल की घटनाओं में उनकी क्या भूमिका रही और क्या किसी बड़ी वारदात की तैयारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा.
दिल्ली से अरविंद सिंह✍
Edited By: Khushi Upadhyay
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