दिल्ली में 16 वर्षीय छात्रा से चलती स्लीपर बस में कथित गैंगरेप मामले में फॉरेंसिक जांच के दौरान अहम सुराग मिले हैं। बस से छात्रा और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं। पुलिस अब डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। ✍️अरविंद कुमार
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दिल्ली में 16 वर्षीय छात्रा से चलती स्लीपर बस में कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस को फॉरेंसिक जांच के दौरान अहम सुराग मिले हैं। बस से छात्रा और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
कश्मीरी गेट इलाके में 16 वर्षीय छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फोरेंसिक जांच के दौरान बस से छात्रा के साथ-साथ गिरफ्तार किए गए ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के फिंगरप्रिंट मिले हैं। बस की सीटों और स्टीयरिंग व्हील से भी फोरेंसिक नमूने लिए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। अब पुलिस को डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।
मामला 4 अगस्त की रात का है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा परिवार में विवाद के बाद बिना बताए नोएडा में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी। बारिश और अंधेरे के बीच वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। पुलिस के मुताबिक, नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करते समय छात्रा ने वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस को रुकने का इशारा किया। बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने उसे बस में बैठा लिया। आरोप है कि दोनों ने छात्रा को नोएडा सेक्टर-63 ले जाने की बात कही, लेकिन बस चलने के बाद उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
छात्रा ने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। बस की खिड़कियों पर पर्दे लगे होने के कारण अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं दे रही थीं। आरोप है कि करीब 47 किलोमीटर की यात्रा के बाद दोनों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए। इसके बाद छात्रा ने पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बस की पहचान और उसके रूट का पता लगाने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस ने बस को ट्रैक किया और ड्राइवर कुलदीप तथा कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। बस का नंबर यूपी-83 है और इसका पंजीकरण उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में बताया गया है।
पुलिस जांच के मुताबिक, घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद दोनों आरोपी उसे नोएडा के सूरजपुर स्थित एक कार्यशाला में मरम्मत के लिए ले गए थे। मरम्मत के बाद दोनों खाली बस को तिमारपुर की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान परी चौक पर छात्रा ने बस को रोकने का इशारा किया था।
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्तों तथा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। तीनों अधिकारियों से मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने दिल्ली के 16 दिसंबर 2012 के निर्भया कांड की याद ताजा कर दी है। उस मामले में 23 वर्षीय युवती के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। गंभीर चोटों के बाद 29 दिसंबर 2012 को उसकी मौत हो गई थी।मामले में छह आरोपी बनाए गए थे। इनमें एक नाबालिग था, जबकि एक आरोपी ने जेल में आत्महत्या कर ली थी। चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को 20 मार्च 2020 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। फिलहाल दिल्ली पुलिस की जांच में फॉरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट अहम कड़ी मानी जा रही है। इन रिपोर्टों के आधार पर पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
✍️अरविंद कुमार
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