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 ‘हाथी’की चाल से निकला‘I.N.D.I.A’ गठबंधन का दम !

मायावती ने किया किनारा अब महागठबंधन को न मिला सहारा। INDIA गठबंधन की ABCD बिगड़ती नजर आ रही है। क्योंकि BSP ने गठबंधन में साथ देने से इंकार किया है। बसपा ने गठबंधन को नकार किनारा कर लिया है। अब कैसे होगी नैया पार बसपा ने तो कर लिया किनारा।

By Rakesh 

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लखनऊ। मायावती ने किया किनारा अब महागठबंधन को न मिला सहारा। INDIA गठबंधन की ABCD बिगड़ती नजर आ रही है। क्योंकि BSP ने गठबंधन में साथ देने से इंकार किया है। बसपा ने गठबंधन को नकार किनारा कर लिया है। अब कैसे होगी नैया पार बसपा ने तो कर लिया किनारा।

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इंडिया महागठबंधन ये कयास लगाए बैठा था कि मायावती साथ आएंगी मुस्लिम और दलित वोटबैंक साथ लाएंगी। महागठबंधन जो सपना संजोए बैठा था वो बसपा ने तोड़ दिया। मायावती के ऐलान, महागठबंधन में घमासान पर देखिये ये ख़ास रिपोर्ट।

मायावती का ऐलान – एकला चलोप्लान! I.N.D.I.A’ गठबंधन से इनकार, किसका बेड़ा पार ? मायावती के इस दांव से क्या बीजेपी को होगा फायदा ?

महागठबंधन के ख्वाब खटाई में पड़ते नजर आ रहे हैं। जो फूल मन में खिलाए इंडिया बैठा था वो बसपा प्रमुख मायावती ने तोड़ दिया। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि बीएसपी I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल हो सकती है और इसके लिए पूरी प्लॉनिंग भी की जा रही थी। मगर दिल के अरमा आंसुओं के बहे गए क्यों बहन जी न कहा न मतलब न मायावती ने ट्वीट कर कहा कि

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एनडीए व इण्डिया गठबंधन अधिकतर गरीब-विरोधी जातिवादी, साम्प्रदायिक, धन्नासेठ-समर्थक व पूंजीवादी नीतियों वाली पार्टियां हैं। जिनकी नीतियों के विरुद्ध बीएसपी अनवरत संघर्षरत है और इसीलिए इनसे गठबंधन करके चुनाव लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

इंडिया वाले गठबंधन के कई नेताओं का वैसे मानना था कि मायावती यूपी के अलावा कई दूसरे राज्यों में भी दलित वोटों को अपनी तरफ खींच सकती हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड में भी मायावती के पास दलितों का ठीक-ठीक वोट बैंक है। यही वजह है थी कि कांग्रेस के साथ साथ दूसरे दलों के नेता भी चाहते थे कि बहन जी गठबंधन का हिस्सा बनें।

सियासत की हर कला में माहिर मायावती बखूबी जानती हैं कि कब दो कदम आगे चलना है और कब दो कदम पीछे हटना है। दरअसल, मायावती की पैठ 10 प्रतिशत दलित के साथ साथ अति पिछड़ी जातियों में भी ठीक-ठाक है। मुस्लिम और सवर्ण वोटबैंक में भी मायावती की पकड़ है ऐसे में मायावती के ऐलान पर बौखलाहट विपक्ष में है।

अब ऐलान ही ऐसा है। बसपा के विपक्षी गठबंधन इंडिया में शामिल होने की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए पार्टी सुप्रीमो मायावती ने साफ कह दिया है कि वह आने वाले चार राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव 2024 के लिए किसी भी गठबंधन में भी शामिल नहीं होंगी।

उन्होंने ऐलान किया है कि बसपा का हाथी अकेले ही चुनाव रण में गरजेगा। ये ऐलान इंडिया गठबंधन पर वज्र की तरह गिरा है। घाव बहुत गहरा गया है। अब इंडिया गठबंधन बेसहारा और बेचारा नजर आ रहा है।

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अब सवाल ये है कि बसपा के इस ऐलान का फायदा किसको? क्या वाकाई में बीएसपी का इडिया वाले गठबंधन से दूरी बनाना बीजेपी के दोनों हाथों में लड्डू जैसा है। दलित प्लस मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति को साधने वाली मायावती यूपी की सियासत में 80 सीटों पर अगर अकेले दम दिखाती है तो INDIA वाले गठबंधन का दम निकल सकता है यानि मायावती के इस दांव से सियासी घमासान आना तय है।

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