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Varanasi Serial Blast : दोषी वलीउल्लाह को फांसी की सजा, 16 साल पहले ब्लास्ट में हुई थी 18 लोगों की मौत

7 मार्च 2006 को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन और संकट मोचन मंदिर में सीरियल बम विस्फोट हुए थे। घटना में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 35 से ज्यादा घायल हुए थे।

By इंडिया वॉइस 
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गाजियाबाद, 06 जून। वाराणसी में 16 साल पहले हुए सीरियल ब्लास्ट के मुख्य दोषी वलीउल्लाह को गाजियाबाद के जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही वलीउल्लाह पर 2.65 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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दोषी वलीउल्लाह पर लगा 2.65 लाख का जुर्माना

जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने शनिवार को मामले के मुख्य आरोपी वलीउल्लाह को दोषी ठहराते हुए सजा पर फैसले के लिए 06 जून की तारीख मुकर्रर की थी। जिला न्यायाधीश सिन्हा ने सोमवार को सजा का ऐलान किया। न्यायालय ने मामले को विरलतम माना और दोषी आतंकी वलीउल्लाह को फांसी की सजा सुनाते हुए उस पर कई धाराओं में कुल 2.65 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इससे पहले दोषी वलीउल्लाह को कड़ी सुरक्षा में डासना जेल से लाकर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया।

ब्लास्ट में 18 लोगों की मौत, 35 घायल हुए

जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश शर्मा ने बताया कि 7 मार्च 2006 को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन और संकट मोचन मंदिर में सीरियल बम विस्फोट हुए थे। घटना में 18 लोगों की मौत हो गई थी और 35 से ज्यादा घायल हुए थे। उसी शाम को दशाश्वमेध घाट पर भी विस्फोटक पदार्थ मिले थे। मामले में पुलिस ने 5 अप्रैल 2006 को प्रयागराज के फूलपुर गांव निवासी वलीउल्लाह को गिरफ्तार किया था। वलीउल्लाह पर संकट मोचन मंदिर और वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर विस्फोट की साजिश रचने और आतंकवाद फैलाने का आरोप था।

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बतादें कि वाराणसी के अधिवक्ताओं ने वलीउल्लाह का मुकदमा लड़ने से इनकार कर दिया था। इस वजह से इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ये मुकदमा गाजियाबाद के जिला एवं सत्र न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया था। तभी से इस मामले की सुनवाई चल रही थी।

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