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पेगासस मामले में प्रधानमंत्री देश को संबोधित करें – सीएम गहलोत

उन्होंने कहा सरकार सुप्रीम कोर्ट में जो एफिडेविट दे रही है, उसके कई मायने निकलते हैं। गहलोत रविवार को सचिवालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

By Akash Singh 

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जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मांग की है कि पेगासस मामले में प्रधानमंत्री को देश को संबोधित करना चाहिए और भ्रम की स्थिति को दूर करना चाहिए क्योंकि जासूसी करना, टेलीफोन को सर्विलांस पर रखना गलत है। उन्होंने कहा कि पेगासस कोई मामूली मामला नहीं है। सरकार को खुद को आगे आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए था। उन्होंने कहा सरकार सुप्रीम कोर्ट में जो एफिडेविट दे रही है, उसके कई मायने निकलते हैं। गहलोत रविवार को सचिवालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने कहा, पेगासस को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स ने कोई बात कही है तब जाकर देश में पुन: ये मुद्दा बना है। सीएम गहलोत ने कहा, नई पीढ़ी के लिए मैं बार-बार कहना चाहूंगा क्योंकि मुझे उसी पर विश्वास है, भरोसा है। बाकी लोग तो समझते भी हैं, अनुभव रखते हैं, सोच लेंगे, समझ लेंगे, समझ जाएंगे, नई पीढ़ी को बड़े रूप और ऑर्गनाइज्ड वे में समझना होगा। जैसे मैंने कहा कि ट्रोल आर्मी बना रखी है, उसके माध्यम से वे ग़ुमराह कर रहे हैं और मीडिया पूरा दबाव के अंदर है। इसलिए गोदी मीडिया अगर कहा गया है, तो वो ठीक कहा गया है। उन्होंने कहा, मुद्दे तो कई सामने आ रहे हैं एक के बाद एक, पर दुर्भाग्य से आप देख रहे हो कि सुप्रीम कोर्ट तक भी जिस रूप में प्रायोरिटी पर सुनवाई करनी चाहिए उसको, वो नहीं कर पा रहा है, किसको दोष दें? देश में पेगासस को लेकर इतना बड़ा इश्यू बना, पार्लियामेंट नहीं चली हो। अमेरिका में तो जासूसी कांड में राष्ट्रपति निक्सन का इस्तीफा हो गया था,पर आज इस देश में असहमति रखने वाले लोग टार्गेट बनाए हुए हैं। जहां चुनाव आता है जिस प्रदेश में, वहां सीधे ईडी वाले आ जाते हैं, इनकम टैक्स पहुंच जाती है, सीबीआई पहुंच जाती है। इस माहौल में देश में लोकतंत्र चल रहा है, इसलिए मैं बार-बार कहता हूं कि लोकतंत्र को भी खतरा है और संविधान को भी खतरा है।

गहलोत ने कहा, आज गांधी जी का बलिदान दिवस है। ये हमें याद दिलाता है कि उस महापुरुष ने देश की आजादी के लिए जिस रूप में करो या मरो का नारा दिया। पूरे देश में महान नेताओं ने उनके सानिध्य में जंग लड़ी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उनको राष्ट्रपिता कहा। गांधी जी की हत्या हो गई। हत्या करने वाले जो व्यक्ति हैं, वो किस विचारधारा से संबंध रखते हैं, आप सब समझ सकते हैं, आज वो लोग राज में बैठे हुए हैं।गांधी को हम आज श्रद्धासुमन चढ़ाते हैं कि उस महापुरुष ने सबकुछ किया, आखिर में उनकी जान ले ली गई। पूरा देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया शोक में डूब गई थी क्योंकि उनका व्यक्तित्व विराट था। उन्होंने कहा, आइंस्टीन जैसे वैज्ञानिक ने कहा था कि आने वाली पीढ़ियों को विश्वास भी नहीं होगा कि महात्मा गांधी जैसा कोई व्यक्ति हाड़-मांस का बना हुआ इस धरती पर कभी चला भी है क्या। उस एक वाक्य से समझ जाइए आप कि दुनिया के मुल्कों में गांधी के बारे में क्या धारणा थी। आज देश में हिंसा की बात होती है, तनाव की बात होती है, अविश्वास की बात होती है और गांधी का संदेश है, प्यार का, मोहब्बत का, भाईचारे का, सद्भावना का, शांति का, अहिंसा का। आज मैं नौजवान पीढ़ी को कहना चाहूंगा क्योंकि 98 प्रतिशत लोग आज इस देश में हैं, वो आजादी के बाद में पैदा हुए हैं। आप सोच सकते हो कि किस रूप में गांधी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

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