सौरव गांगुली और जय शाह का बीसीसीआई में एक और टर्म के लिए बने रहने का रास्ता साफ हो गया है.भारतीय बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष गांगुली और सचिव के पद पर अपनी भूमिका निभा रहे जय शाह अपने अपने पदों पर एक और कार्यकाल तक बने रह सकते हैं. इन दोनों शख्सियतों के कार्यकाल इस साल सितंबर में खत्म हो रहे हैं. बीसीसीआई के मौजूदा संविधान के मुताबिक गांगुली और शाह को कूलिंग ऑफ पीरियड में अगले तीन साल तक बोर्ड में काई पद नहीं मिल सकता था. इसी दिक्कत को दूर करने के लिए बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. भारत की सबसे बड़ी अदालत ने लगातार दो दिनों तक इस मामले की सुनवाई करते हुए भारतीय बोर्ड को अपने संविधान में संशोधन या बदलाव करने क अनुमति दे दी.
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पूर्व जस्टिस लोढ़ा की गाइडलान के हिसाब से बने संविधान के रूल नंबर 6 के मुताबिक कोई भी शख्स स्टेट एसोसिएशन और बीसीसीआई को मिलाकर लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा अपने पद पर बना नहीं रह सकता या एसोसिएशन और बोर्ड से जुड़ा नहीं रह सकता. बोर्ड को इस पर आपत्ति थी लिहाजा उसने 2020 में अदालत का दरवाजा खटखटाया जिस पर अब जाकर कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय बोर्ड को संविधान के नियम 6 में बदलाव करने की इजाजत दे दी है.
कोर्ट के फैसले के बाद अब बीसीसीआई में तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल के बाद तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होगा. स्टेट एसोसिएशन पर भी यही नियम लागू होगा. लेकिन बोर्ड में दो कार्यकाल के बाद कोई भी शख्स किसी भी पद पर दो और कार्यकाल के लिए स्टेट एसोसिएशन से जुड़ सकता है. यानी अब अधिकतम 12 साल के कुल कार्यकाल के बाद किसी भी व्यक्ति को कूलिंग ऑफ में जाना होगा.