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14th India-Japan Annual Summit : अगले 5 सालों में जापान करेगा भारत में 3.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 6 समझौतों पर हस्ताक्षर

जापान ने अगले 5 सालों के दौरान भारत में 5 ट्रिलियन येन (जापानी मुद्रा) यानी 3.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की।

By इंडिया वॉइस 

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नई दिल्ली, 19 मार्च। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा के बीच भारत-जापान 14वीं शिखरवार्ता के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही जापान ने अगले 5 सालों के दौरान भारत में 5 ट्रिलियन येन (जापानी मुद्रा) यानी 3.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की। जापान का ये निवेश दोनों देशों के बीच साल 2014 में बनी व्यापार प्रोत्साहन साझेदारी की अगली कड़ी है।

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द्विपक्षीय, क्षेत्रीय, यूक्रेन, हिन्द प्रशांत सहित अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा

शिखरवार्ता के दौरान मोदी और किशिदा ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और यूक्रेन, हिन्द प्रशांत सहित अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यूक्रेन के घटनाक्रम पर सीधी टिप्पणी नहीं की जबकि जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश को शक्ति प्रयोग के जरिए एकतरफा बदलाव की अनुमति नहीं दी जा सकती। किशिदा ने ये भी कहा कि भारत-जापान यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए प्रयास कर रहे हैं और यूक्रेन एवं उसके पड़ोसी देशों को मदद देने का काम जारी रखेंगे। किशिदा के मुताबिक जापान-भारत खुले और मुक्त हिन्द-प्रशांत के लिए मिलकर प्रयास बढ़ायेंगे। दोनों नेताओं ने शनिवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात की और द्विपक्षीय, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। शिखरवार्ता के बाद दोनों नेताओं की उपस्थिति में दस्तावेज साझा किए गए।

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दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी कायम करने की घोषणा की

शिखरवार्ता के दौरान दोनों देशों ने अपने रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों की टू प्लस टू बैठक शीघ्र आयोजित करने का भी निश्चय किया। पीएम किशिदा ने पीएम मोदी को जापान में प्रस्तावित क्वाड देशों की शिखरवार्ता में भाग लेने के लिए न्यौता दिया। दोनों देशों ने स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी कायम करने की भी घोषणा की। साथ ही जापान ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में टिकाऊ विकास कि लिए सहयोग करने का भी ऐलान किया।

दोनों देश औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मक साझेदारी रोडमैप पर काम करेंगे

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में मुख्य जोर भारत-जापान के बीच आर्थिक सहयोग में हो रही प्रगति पर केन्द्रित रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी हिन्द-प्रशांत क्षेत्र सहित पूरी दुनिया में शांति, समृद्धि और स्थायित्व के लिए लाभदायक है। वहीं हुए समझौतों और करारों के तहत दोनों देश औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मक साझेदारी रोडमैप पर काम करेंगे। साइबर सुरक्षा क्षेत्र में सूचनाओं के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और सहयोग करेंगे। नगरी विकास और घरेलू दूषित जल प्रबंधन के सिलसिले में भी एक करार हुआ है।

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वहीं जापानी प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में यूक्रेन का विषय उठाया और कहा कि भारत के साथ वो भी संघर्ष विराम और बातचीत से समस्याओं के समाधान के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि वो सुरक्षा परिषद में बदलाव लाने के पक्ष में है और मिलकर दुनिया को परमाणु शस्त्रों से मुक्त करना चाहते हैं। भारत और जापान सैन्य अभ्यास से जुड़ा सहयोग आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब से जापानी सेब भारत में आसानी से मिल सकेंगे और भारत के आम का भी जापानी लोग लुफ्त उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश आपसी संबंधों के 70वीं वर्षगांठ को मिलकर बनाएंगे।

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