नई दिल्ली, 14 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत, अमेरिका, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं की पहली शिखरवार्ता में गुरुवार को हिस्सा लेते हुए कहा कि ये नया मंच दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अमेरिका-भारत के साथ ही पश्चिमी एशिया के दो देशों UAE और इजरायल के इस मंच को ‘I2U2’ का नाम दिया गया है। प्रथम अक्षर भारत और इजरायल और दूसरे दो अमेरिका और यूएई के लिए हैं।
बढ़ती हुई वैश्विक अनिश्चिताओं के बीच हमारा कॉपरेटिव फ्रेमवर्क व्यावहारिक सहयोग का एक अच्छा मॉडल भी है।
मुझे पूरा विश्वास है कि I2U2 से हम वैश्विक स्तर पर Energy Security, Food Security और Economic Growth के लिए महत्वपूर्ण योगदान करेंगे।
– प्रधानमंत्री श्री @narendramodi pic.twitter.com/pHBRLhT1l4
— BJP (@BJP4India) July 14, 2022
पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुरुवार को शिखरवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि इस नए मंच के चारों देशों ने जल, ऊर्जा, परिवहन, खाद्य सुरक्षा, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य इन छह क्षेत्रों में सहयोग करने का फैसला किया है। चारों देश इन क्षेत्रों में संयुक्त रूप से परियोजना तैयार कर निवेश करेंगे। इसके लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा।
आज की इस पहली समिट से ही I2U2 ने एक सकारात्मक एजेंडा स्थापित कर लिया है।
हमनें कईं क्षेत्रों में joint projects की पहचान की है और उनमें आगे बढ़ने का रोडमैप भी बनाया है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वास्तव में हम चारों देश रणनीतिक साझेदार और अच्छे मित्र हैं। उनके दृष्टिकोण में समानता और समान हित हैं। उन्होंने कहा कि इस पहली शिखरवार्ता से ही चारों देशों ने एक सकारात्मक एजेंडा सामने रखा है। ये प्रगतिशील और व्यावहारिक है। चारों देशों अपनी शक्ति, पूंजी, बाजार और कौशल का उपयोग कर सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ा सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि अनिश्चितता से भरे समकालीन विश्व में परस्पर सहयोग का ये अच्छा मॉडल है। पहली शिखरवार्ता में इजरायल के प्रधानमंत्री येर लापिद, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हिस्सा लिया।