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दिल्ली

मिली सुविधाः परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने रूट नंबर 928 पर बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

Rakesh

बस रूट संख्या 928 पर लंबे समय से बसों का परिचालन नहीं होने के कारण लोगों को हो रही परेशानियों का संज्ञान लेते हुए दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने निज़ामपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखा कर इस रूट पर बस सेवा पुनः बहाल किया। रूट 928 गढ़ी रंधाला गांव को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से जोड़ेगी।

Transport Minister Kailash Gehlot flagged off the bus
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नई दिल्ली। बस रूट संख्या 928 पर लंबे समय से बसों का परिचालन नहीं होने के कारण लोगों को हो रही परेशानियों का संज्ञान लेते हुए दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने निज़ामपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखा कर इस रूट पर बस सेवा पुनः बहाल किया। रूट 928 गढ़ी रंधाला गांव को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से जोड़ेगी।

इस बस मार्ग से गढ़ी रंधाला, सावदा, घेवरा, मुंडका और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ होगा। इस अवसर पर श्री गहलोत ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन किसी भी शहर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दिल्ली में लगभग 43 लाख लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए बसों पर निर्भर हैं। बस रूट संख्या 928 (गढ़ी रंधाला गाँव से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन) पर बसों का परिचालन काफ़ी वर्षों से बंद था।

जब मेरे संज्ञान में यह बात आई तो मैंने तुरंत लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए इस रूट को पुनः शुरू करने के आदेश दिए। रूट 928 की कुल लंबाई 35.1 किलोमीटर है।फिलहाल इस रूट पर 5 बसें चलाई जा रही हैं। इस रूट के शुरू होने से गढ़ी रंधाला, निज़ामपुर, सावदा, घेवरा और मुंडका के निवासियों के लिए पीरागढ़ी और नांगलोई जैसे औद्योगिक क्षेत्रों तक आना -जाना आसान हो जायेगा।

इसके अलावा, कश्मीरी गेट आईएसबीटी और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाना भी आसान हो जाएगा। दिल्ली सरकार के बेड़े में फिलहाल 7582 बसें शामिल हैं, जिनमें से 4441 डीटीसी द्वारा संचालित हैं और 3141 दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) द्वारा संचालित हैं। वर्तमान में, दिल्ली में 1,650 इलेक्ट्रिक बसें हैं।

परिवहन मंत्री ने सावदा घेवरा में बन रहे अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी किया निरीक्षण

आज परिवहन मंत्री गहलोत ने सावदा घेवरा में चल रहे डिपो निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। सावदा घेवरा में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो बनाया जा रहा है। लगभग 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ बनाये जा रहे इस डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के रख-रखाव की पूरी वयवस्था है।

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