उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी मौसम अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक संदेशों और सामाजिक ध्रुवीकरण की बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। मुरादाबाद की जनसभा में एआईएमआईएम प्रमुख का बयान “मुसलमान दरी नहीं बिछाएंगे, बराबरी का हक मांगेंगे” सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले

