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रिजीजू हटे और अर्जुन राम मेघवाल बनें केंद्रीय कानून मंत्री

मोदी कैबिनेट में बदलाव हुआ है। कानून मंत्री की कुर्सी अब अर्जुन राम मेघवाल को सौंप दी गई है।

By Avnish 

Updated Date

नई दिल्ली ।  अब तक केंद्रीय कानून मंत्री का पद किरेन रिजीजू के पास था। लेकिन सरकार ने बदलाव करते हुए किरेन रिजीजू को दूसरी जिम्मेदारी सौंप दी है। अब अर्जुन राम मेघवाल को केंद्रीय कानून मंत्री का दायित्व सौंपा गया है

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जबकि किरेन रिजीजू को अर्थ साइंस मंत्रालय दिया गया है। इस बदलाव के बाद किरेन रिजीजू ने तुरंत ट्वीटर का बॉयो बदल भी दिया और कानून मंत्री की जगह उन्होंने अपना मंत्रालय अर्थ साइंस का लिख दिया है।

2021 में बने थे कानून मंत्री

बता दें कि किरेन रिजीजू इससे पहले खेल मंत्री थे और 2021 में जब मोदी कैबिनेट में बदलाव हुआ था तब उन्हें कानून मंत्री का पद दिया गया था। किरेन रिजीजू अरूणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद हैं।

उनका जन्म 19 नवंबर 1971 में हुआ था । रिजजू के पास दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री भी है। 2004 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की थी । फिर 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वो इस बार हार गए।

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फिर आया 2014 का वो साले जब एक बार फिर लोकसभा चुनाव लड़ा  और उन्होंने अपने नाम जीत दर्ज की थी। पीएम मोदी के दूसरे कार्यालय में उनको खेल मंत्री का पद दिया गया था फिर जुलाई 2021 में रविशंकर की जगह उनको कानून मंत्री बनाया गया था।

क्यों बदला गया मंत्री पद?

कयास लगाए जा रहे हैं कि जजों और किरेन रिजीजू के बीच विवाद चल रहा था। जिसको लेकर यह बदलाव किए गए हैं। बता दें कि किरेन रिजीजू का बार-बार कहना था कि कॉलेजियम के जरिए जजों को चुना जाना सही नहीं है। इसी को लेकर कई दिनों से बहस जारी थी।

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के जज यह साफ कर चुके थे कि जजों की नियुक्ति के लिए इससे अच्छा तरीका कोई भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इसी तरीके से कई देश जजों की नियुक्ति करते हैं। इसीलिए इसी तरीके से ही जजों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद से ही दोनों के बीच यानि की कानून मंत्री और जजों के बीच का विवाद सामने आया था। जब सौरभ कृपाल को जजों ने दिल्ली के हाईकोर्ट का जज बनाया था, उस वक्त से ही यह तनातनी देखने को मिल रही थी और कानून मंत्री ने सौरभ कृपाल की फाइल को मंजूरी नहीं दी थी।

 

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इस बात पर किरेन रिजजू का कहना था कि हम जनका द्वारा चुन कर आते है और जनका हमारा पांच साल का काम देखती है इसीलिए हमे जनता को जवाब देना होता है जजों के सामने इस तरीके की कोई स्थिती नहीं आती है.

 

कांग्रेस ले रहा है चुटकी

बता दें जैसे ही कानून मंत्री बदले गए है तब से कांग्रेस चुटकी ले रही है अलका लांबा ने सरकार पर हमला बोल दिया है उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि बीते कुछ दिनों से कानून मंत्री जजों की नियुक्ति और काम करने के तरीके पर लगातार टिप्पणि कर रहे है दखल दे रहे है ऐसे में यह सरकार के लिए मुश्किल खड़े कर रही थी इसीलिए यह बदलाव किया गया है ताकि सरकार की छवि खराब ना हों

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