1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. छात्रों की गिरफ्तारी पर CJP का केंद्र को अल्टीमेटम

छात्रों की गिरफ्तारी पर CJP का केंद्र को अल्टीमेटम

छात्र प्रदर्शनकारियों की कथित गिरफ्तारी पर सीजेपी ने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी ने छात्रों की रिहाई, एफआईआर वापस लेने और सरकार से अपना पूर्व आश्वासन निभाने की अपील की है।

By HO BUREAU 

Updated Date

CJP Update: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने विभिन्न राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों की कथित गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि उसे असम, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत कई राज्यों से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सूचनाएं मिल रही हैं। इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए सीजेपी ने सरकार से अपने पूर्व आश्वासन का पालन करने की अपील की है।

पढ़ें :- दिल्ली में 17 साल पुराना बेड एंड ब्रेकफास्ट कानून खत्म होगा, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने विधानसभा में पेश किया निरसन विधेयक

सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि पार्टी ने अपना प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन सरकार की ओर से मिले भरोसे के बाद स्थगित किया था। उनके अनुसार, सरकार ने आश्वासन दिया था कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी के खिलाफ वर्तमान या भविष्य में किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी का आरोप है कि अब विभिन्न राज्यों से सामने आ रही खबरें इस आश्वासन के विपरीत दिखाई दे रही हैं।

ये भी पढ़ें- बाली में मंगेतर समीक्षा शेट्टी संग मंदिर पहुंचे आयुष्मान सेठी, शुद्धिकरण अनुष्ठान का अनुभव किया साझा

सीजेपी ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है, तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। साथ ही, उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की भी मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है और सरकार को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। पार्टी ने यह भी दावा किया कि उसकी कानूनी टीम शुरुआत से ही सक्रिय है और विभिन्न राज्यों के वकीलों के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। सीजेपी के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर प्रत्येक प्रदर्शनकारी को कानूनी मदद दी जाएगी।

बयान में यह भी कहा गया कि सरकार ने 28 जुलाई 2026 तक इस मुद्दे पर लिखित आश्वासन देने की बात कही थी। पार्टी का कहना है कि आंदोलन स्थगित करने का निर्णय सरकार के भरोसे पर लिया गया था और यदि उस वादे का पालन नहीं किया गया तो इससे युवाओं का विश्वास कमजोर होगा।

सीजेपी ने प्रदर्शनकारी युवाओं से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी और आवश्यक कदम उठाने पर विचार करेगी।

पढ़ें :- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने जारी किया गैर - जमानती वारंट, 11 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश

Edited by- Ritu Joshi

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com