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दिल्ली भाजपा ने आप नेताओं को घेरा, कहा- आम आदमी पार्टी के संरक्षण में चल रहा हौजखास गांव में अवैध निर्माण

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के संरक्षण में हौजखास गांव में चल रहे अवैध निर्माण की जांच हो। श्री सचदेवा ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से हौजखास गांव के मामले को उठाया। कहा कि ऐसे अनेक मामले आज दिल्ली में चारों ओर देखे जा सकते हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी के नेताओं, विधायकों एवं पार्षदों के संरक्षण में अवैध निर्माण हो रहा है।

By Rakesh 

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नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के संरक्षण में हौजखास गांव में चल रहे अवैध निर्माण की जांच हो। श्री सचदेवा ने पत्रकार वार्ता के माध्यम से हौजखास गांव के मामले को उठाया। कहा कि ऐसे अनेक मामले आज दिल्ली में चारों ओर देखे जा सकते हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी के नेताओं, विधायकों एवं पार्षदों के संरक्षण में अवैध निर्माण हो रहा है।

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सख्ती करने वाले अफसरों पर दबाव बनाते हैं आप के विधायक एवं पार्षद

कहा कि यदि कोई अधिकारी उस पर कार्रवाई करता है तो आप के विधायक एवं पार्षद उस निगम अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकार मामले को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। जैसा कि हम पटेल नगर के एक निगम पार्षद को यह करते हुए पूर्व में देख चुके हैं। इस मौके पर दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सरदार राजा इकबाल सिंह एवं निगम पार्षद शिखा राय ने कहा कि जब से आम आदमी पार्टी सत्ता में आई है, दिल्ली में अवैध निर्माण ही नहीं, अवैध कब्जे भी बढ़ रहे हैं।

जब भी निगम इस पर कोई कार्रवाई करता है तो आप के नेता सड़क पर उतरते हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ग्रीन पार्क नगर निगम वार्ड के तहत आने वाला हौजखास गांव का मकान नं -2, एक 800 गज का प्लाट है। जिसके 120 गज के हिस्से से अभी जून 2023 तक एक आप सांसद के परिवार का व्यापारिक प्रतिष्ठान चलता रहा है।

कहा कि जून, 2023 में इस 120 गज के हिस्से में अवैध निर्माण शुरू हुआ। चूंकि यह संपत्ति संरक्षित मोनुमैंट हौजखास के 115 मीटर के दायरे में आती है, जोकि रेगुलेटेड क्षेत्र है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण वर्जित है। जून माह में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने दिल्ली नगर निगम को पहला पत्र 6 जून, 2023 को खिलकर इस निर्माण को रोकने के लिए निर्देश दिया।

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एएसआई के पत्र के बाद दिल्ली नगर निगम के दक्षिणी क्षेत्र के भवन विभाग ने निर्माण को रोकने के अनेक प्रयास किए, किन्तु जब वह नहीं रोक पाए तो 27 जुलाई एवं 8 अगस्त को दो बार वर्क स्टॉप नोटिस दिए गए। श्री सचदेवा ने कहा कि जितनी बार नगर निगम काम रोकवाने की कोशिश करता था या नोटिस देता था, उतनी बार क्षेत्रीय विधायक सोमनाथ भारती एवं निगम पार्षद सरिता फोगाट अधिकारियों पर काम न रोकने का दबाव बनाते थे। तबादले की चेतावनी देते थे। भ्रष्टाचार के आरोप लगाने की चेतावनी देते थे।

श्री सचदेवा ने कहा कि एक संबंधित अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उसे कहा गया कि यदि इसमें हस्ताक्षेप करोगे तो अगला फोन मुख्यमंत्री आवास से आएगा और तब भी नहीं मानोगे तो पंजाब पुलिस से फर्जी केस में फंसा दिए जाओगे। इस बीच अगस्त, 2023 में खुद दिल्ली सरकार के तहसीलदार, हल्का पटवारी ने एएसआई और दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के साथ जाकर इस सम्पत्ति का निरीक्षण किया और इसे अवैध पाया।

नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतर जातें हैं आप कार्यकर्ता व पार्षद 

कहा कि जब नगर निगम ने पुलिस की मदद से अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू किया तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं पार्षद ने भी नगर निगम के विरूद्ध नारेबाजी की। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आप नेताओं द्वारा दिल्ली नगर निगम अधिकारियों पर अनैतिक दबाव डाले जाने की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस अवैध निर्माण को पूरा तोड़ा जाए एवं इस भवन को सील कर  इसके स्वामित्व की जांच हो।

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