मुख्य सामग्री पर जाएँ

इंडिया वॉइस

Breaking News सभी अपडेट
उत्तर प्रदेश

यूपीः बरेली में जमीन के टुकड़े के लिए बाप बना कातिल, सुपारी देकर करवाई थी बेटे की हत्या

Rakesh

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जमीन के टुकड़े के लिए बाप कातिल बन गया। उसने अपने बेटे की ही हत्या करवा दी। इस घटना को अंजाम देने के लिए तीन लाख की सुपारी दी गई थी। प्लाट की कीमत महज 40 लाख थी।

murder
शेयर करें

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जमीन के टुकड़े के लिए बाप कातिल बन गया। उसने अपने बेटे की ही हत्या करवा दी। इस घटना को अंजाम देने के लिए तीन लाख की सुपारी दी गई थी। प्लाट की कीमत महज 40 लाख थी।

पिता का कहना था कि यदि वह बेटे की हत्या नहीं कराता तो बेटा ही उसे मार देता। पुलिस ने आरोपी बाप को जेल भेज दिया है। जबकि चार सुपारी किलर की तलाश की जा रही है। देवरनियां में 15 जुलाई को हलवाई का काम करने वाले नवाबगंज के विजौरिया गांव निवासी अशर्फीलाल के पुत्र हरपाल का शव गांव भोपतपुर बस अड्डे पर सड़क किनारे मिला था। उस समय पुलिस ने घटना को हादसा मानकर पोस्टमार्टम कराया था।

हालांकि हरपाल की पत्नी गीता देवी घटना वाले दिन से ही हत्या का शक जता रही थीं, लेकिन पुलिस ने हादसे का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस दौरान पुलिस को कुछ सुराग मिला और 30 जुलाई को गीता देवी की तहरीर पर मुकदमा हत्या की धाराओं में बदल दिया गया। पुलिस की जांच में अशर्फीलाल की ओर से तीन लाख रुपए की सुपारी देकर अपने ही बेटे की हत्या कराने और उसे हादसे का रूप देने की बात सामने आई।

पुलिस ने हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को इसका खुलासा कर दिया। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर ही खुलासा किया गया है। सुपारी लेकर घटना को अंजाम देने वाले चारों आरोपी भानु व गजेंद्र पुत्रगण खूबकरन निवासी नवाबगंज, महेंद्र निवासी गांव हरहरपुर और श्यामाचरण (आरोपी अशर्फीलाल का भाई) अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

पिता ने कहा- अगर वह बेटे को नहीं मरवाता तो बेटा उसकी हत्या करा देता

हत्यारोपी अशर्फीलाल ने बताया कि अगर वह बेटे को नहीं मरवाता तो बेटा हरपाल उसकी हत्या करा देता। पुलिस की सख्ती पर टूटे अशर्फीलाल ने बताया कि उसके नाम एक प्लॉट है, जिसकी कीमत 40 लाख रुपए है। इसे पिता-पुत्र दोनों बेचना चाहते थे। दोनों को ही अपनी हत्या का अंदेशा था। दोनों ही एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए थे।

जब अशर्फीलाल को लगा कि हरपाल उसे मार सकता है तो उसने हरपाल की हत्या करने के लिए भानू, गजेंद्र, महेंद्र और श्यामाचरण से बात की।  चारों को तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। इन चारों ने ईंट से कुचलकर हरपाल की हत्या कर दी। इसके बाद उसे हादसे का रूप देने के लिए हरपाल की बाइक को ट्रैक्टर से कुचल दिया। वह लोग इस भरोसे में थे कि पुलिस इसे हादसा ही मानेगी पर फंस गए।

शेयर करें