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कन्हैयालाल की मौत से पहले क्या क्या हुआ था यहां जानें

Udaipur killing : उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या से पूरा देश हिल चुका है। ये मामला कई दिन पहले ही शुरू हो चुका था। पूरी सोची समझी साजिश के बाद ही कन्हैयालाल की हत्या की गई है।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 29 जून 2022। राजस्थान के उदयपुर में हुई टेलर कन्हैयालाल की हत्या ने पूरे देश को हिला दिया है। दुकान पर काम करते समय कन्हैयालाल के पास दो युवक रियाज व मोहम्मद गौस पहुंचे। इन दोनों ही युवकों ने कपड़े सिलवाने की बात कही। इस दौरान एक युवक ने उन पर हमला कर दिया और दूसरा युवक उसका वीडियो बनाने लगा। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो को नेट पर जारी करते हुए कहा कि इस्लाम का अपमान करने के बदले उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। आइए जानते है ये पूरी घटना कब और कैसे शुरू हुई थी।

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आपको बता दें कि ये पूरा विवाद करीब एक सप्ताह पहले ही शुरू हो चुका था। मामला यह था कि कन्हैयालाल ने नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए पोस्ट की थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया था। इस मामले को लेकर उनके पड़ोसी नाजिम ने कन्हैयालाल के खिलाफ थाने में मामले दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और कुछ दिन के बाद कन्हैयालाल कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गया।

15 जून को पुलिस थाने गये थे कन्हैयालाल

टेलर का काम करने वाले कन्हैयालाल ने 15 जून को पुलिस को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। जबकि पुसिल की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना के बाद अब पुलिस भी कई सवालों के घेरे में है। कन्हैयालाल ने पुलिस को पत्र लिखकर कहा था कि वह उनके मोबाइल से बेटे ने गेम खेलते समय गलती से एक आपत्तिजनक पोस्ट कर दी थी। जिसके दो दिनों के बाद कुछ लोग दुकान पर आए ओर उनको पोस्ट के बारे में जानकारी दी। जानकारी मिलने के बाद आपत्तिजनक पोस्ट को हटा दिया गया। जिसके बाद 11 जून को पड़ोसी ने उनके खिलाफ थाने में जाकर मुकादमा दर्ज कराया था।

पुलिस को शिकायत पत्र में कन्हैयालाल ने लिखा कि नाजिम और उसके कुछ साथी दुकान में रेकी कर रहे हैं। साथ ही कन्हैयालाल को दुकान नहीं खोलने दे रहे थे। इसके अलावा उसे दुकान खुलने पर जान से मारने की कोशिश करेंगे। नाजिम की ओर से कन्हैयालाल का फोटो सोशल मीडिया में वायरल किया गया था। कन्हैयालाल ने पत्र में लिखा था कि निजाम की ओर से वायरल फोटो में लिखा गया था कि ये आदमी कहीं दिखे या दुकान आए तो जान से मार देना। सभी लोग कन्हैयालाल पर दुकान ना खोलने का दबाव बना रहे थे। इतना ही नहीं कन्हैयालाल ने पुलिस से नाजिम और कुछ लोगों के खिलाफ मांग करते हुए सुरक्षा की मांग की थी।

 पुलिस ने कराया समझौता

पुलिस ने दावा किया है कि कन्हैयाला की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया था। समझौते के आवेदन पर कन्हैयाल ने दोनों पक्षों ने अपने-अपने हस्ताक्षर भी किये थे। इस आवेदन में नाजिम ने कहा था, मैंने कन्हैयालाल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। कानूनी कार्रवाई पूरी हो चुका है, अब मेरा कन्हैयालाल से कोई लेना देना नहीं हैं।

कन्हैयालाल ने गोवर्धन विलास इलाके में रहता था। मंगलवार छह दिनों के बाद उसने अपनी दुकान खोली थी। तभी दो युवकों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी हत्या कर दी। राजस्थान एसआईटी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार की जांच शुरू कर दी है।

कन्हैयालाल के आरोपी कौन है

आरोपियों की पहचान गौस मोहम्मद और रियाज के रूप में हई है। बताया जा रहा है कि ये दोनों आरोपी मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन दावते इस्लाम में जुड़े हैं। कराची की चैरिटी के नाम पर बनी संस्था है। ये संस्था सुन्नी कट्टरपंथ को बढ़ावा देती है। गौस वेल्डिंग और प्रोपर्टी का काम करता है, जबकि रियाज खाजिपिर में रहकर मस्जिद में खिदमत का काम करता था।

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