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UP Election : अवध में राम मंदिर के मुद्दे पर पड़ेगा वोट, बाकि मुद्दे पीछे

प्रदेश में कुल 7 चरणों में मतदान होना है. ऐसे में पहले चरण का चुनाव 10 फरवरी को होगा। चुनाव में इस बार जहां एक तरफ विकास, रोजगार, महंगाई महत्वपूर्ण मुद्दें के रूप में सामने आ रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दा राम मंदिर के निर्माण का भी है। इस मुद्दे के आगे लगभग सभी मुद्दे फेल होते नजर आ रहे हैं।

By इंडिया वॉइस 

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UP Assembly Election 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में आने वाले अवध क्षेत्र में राम मंदिर ही सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और बाकि सभी मुद्दे इसके पीछे हैं। उत्तर प्रदेश में विकास और अपराध पर नियंत्रण जैसे मुद्दों को आए दिन राजनीतिक पार्टियों के नेताओं द्वारा उठाया जा रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में चुनावी गर्मी में दोनों ही मुद्दों पर बयान सामने आये हैं।

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जनता की मांग शीघ्रता से बने राममंदिर 

पश्चिम उत्तर प्रदेश से मध्य होते हुए पूर्वांचल की ओर बढ़ने पर अवध क्षेत्र की भी सीमा छूती है और यहां तो सब राममय है। बाकि मुद्दे पीछे हैं और राम मंदिर शीघ्रता से बने यह सभी के मन में है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण गतिमान है और अवधी भाषायी लोगों के हृदय में श्रीराम विराजमान हैं। अयोध्या विधानसभा की स्थानीय राजनीति से ऊपर उठकर राम मंदिर का विषय रहा है और इस विधानसभा चुनाव में भी बड़े पैमाने पर लोगों के बीच यह मुद्दा भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है। जिसे गीत संगीत के माध्यम से भी आजकल प्रस्तुत किया जा रहा है।

विकास से बड़ा राम मंदिर मुद्दा

अयोध्या निवासी संदीप आचार्य जो लगातार राम मंदिर के मुद्दे पर ही अपने गीत गा रहे हैं, उन्हें पसंद करने वालों की अवध क्षेत्र में बड़ी संख्या है। संदीप आचार्य की तरह ही और भी गायक राम मंदिर पर अपनी प्रस्तुति करते आए हैं, जिन्हें खूब पसंद किया जा रहा है। लखनऊ के राम बैंक चौराहे के पास रहने वाले सुनील और उनके साथियों की मानें तो बड़ी संख्या में आज भी लोग कॉपी पर राम का नाम लिखते हैं। राम के नाम से कॉपियां भर देते हैं। यहां विकास की बात करने वाला भी राम का नाम लेता ही है।

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राम मंदिर को भाजपा नहीं मानती चुनावी मुद्दा

राम मंदिर के मुद्दे को अहम मानने वाली पार्टियों में भाजपा इसे चुनावी मुद्दा नहीं, आस्था मानती है, लेकिन इस चुनाव में जो पार्टियां अपने को सेकुलर मानती रही हैं। श्रीराम जन्मभूमि पर चिकित्सालय, अनाथालय, शौचालय बनाने की बात करते रहे, आज उनके नेता अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की वकालत कर रहे हैं। इतना ही नहीं ये नेता श्रीराम जन्मू भूमि पर मत्था टेकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास भी कर रहे हैं।

 

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