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फेंकें नहीं, बिना पहचान बताएं पालना में छोड़ जाएं नवजात

अनचाहे शिशु के पैदा होने पर लोग लोकलाज के भय से उसको कूड़े के ढेर में फेंक देते है। इसको रोकने के लिए अब कानपुर के जच्चा-बच्चा अस्पताल में आधुनिक पालना केंद्र खोला जाएगा। जिसके लिये महेशाश्रम, मां भगवती विकास संस्थान, उदयपुर द्वारा इसका सञ्चालन किया जाएगा।

By इंडिया वॉइस 

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अनचाहे शिशु के पैदा होने पर लोग लोकलाज के भय से उसको कूड़े के ढेर में फेंक देते है। इसको रोकने के लिए अब कानपुर के जच्चा-बच्चा अस्पताल में आधुनिक पालना केंद्र खोला जाएगा। जिसके लिये महेशाश्रम, मां भगवती विकास संस्थान, उदयपुर द्वारा इसका सञ्चालन किया जाएगा।

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आपको बताते चलें कि जच्चा-बच्चा अस्पताल के मुख्य गेट पर पालना केंद्र को स्थापित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज द्वारा जमीन का आवंटन पत्र संस्था को दे दिया गया है। 2 महीने में पालना केंद्र शुरू कर दिया जाएगा।

सरकार ने प्रदेश में 6 मेडिकल कॉलेज में पालना केंद्र खोलने के लिए संस्था को स्वीकृति दी है। बताया गया कि पालना केंद्र में हाईटेक पालना लगाया जाएगा।

इसमें नवजात शिशु को रखने के 2 मिनट बाद कॉलेज के नर्सिंग स्टाफ के पास एक घंटी बजेगी। इसका ये मतलब होगा कि पालना में एक शिशु है। पालना में बच्चा छोड़ने के दौरान कोई सवाल-जवाब नहीं किया जाएगा। और पालना के आसपास भी कोई नहीं होगा।

आपको बता दे कि यूपी में गोरखपुर द्वारा पालना केंद्र संचालित है। लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, झांसी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में जल्द इनकी शुरुआत की जाएगी।

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