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झारखंड : कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर लेबर रूम से किया बाहर, प्रसव पीड़ा से तड़प कर हुई मौत

मृतक महिला के पिता दिनेश ने बताया कि उनकी बेटी की मौत सही समय पर इलाज ना मिलने के कारण हुई।

By इंडिया वॉइस 
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झारखंड : जमशेदपुर में एक अस्पताल की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की लापरवाही की वजह से एक गर्भवती महिला की जान चली गई। आपको बता दें महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के लेबर रूम के बाहर रविवार को एक महिला की मौत प्रसव पीड़ा से हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि महिला कोरोना पॉजिटिव थी और रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ने उसे लेबर रूम से बाहर कर दिया था। महिला के परिजन, मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर से उसके इलाज के लिए मिन्नतें करते रहे लेकिन ना तो डॉक्टर ने उनकी बात सुनी और ना ही मेडिकल स्टाफ ने। इलाज के अभाव में गर्भवती की लेबर रूम के बाहर ही तड़पकर मौत हो गई। उसकी मौत के बाद के परिजनों ने डॉक्टर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद मौके पर स्थानीय पुलिस ने आकर कार्यवाही का भरोसा दिया और मामले को शांत कराया।

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मृतक महिला के पिता दिनेश ने बताया कि उनकी बेटी की मौत सही समय पर इलाज ना मिलने के कारण हुई। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 8:00 बजे पूजा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर उसे अस्पताल में ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखकर भर्ती कर दिया।  ब्लड का इंतजाम करने को कहा गया। परिजन ब्लड लेकर आए इसी बीच महिला का कोविड टेस्ट भी कराया गया। महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई इसके बाद सभी डॉक्टर महिला को उसी हालत में छोड़कर वहां से चले गए। लेबर रूम के बाहर महिला तड़पती रही लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया। दोपहर में डॉक्टर आए और ऑपरेशन थिएटर ले जाने की तैयारी शुरू हुई लेकिन इसी बीच महिला की मौत हो गई।

हालांकि इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन का कहना है की गर्भवती के इलाज में कोई भी लापरवाही नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उसका पहला बच्चा ऑपरेशन से हुआ था। डॉक्टरों ने उसे देखने के बाद भर्ती किया था। उसकी कोरोना की पोट पॉजिटिव आ गई तो फिर प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उसे अन्य मरीजों से अलग कर आवश्यक तैयारी के बाद ओटी में ले जाया गया। इस दौरान उसकी मौत हो गई आपको बता दें सोमवार को पीड़ित परिवार के लोग मुआवजे की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए उनकी मांग थी कि महिला और उसके बच्चे की मौत के लिए दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए हालांकि पुलिस की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया गया।

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